आध्यात्मिक गुरु पंडित कमला पति त्रिपाठी
┈┉══════❀((“”ॐ””))❀══════┉┈
🗓️आज का पञ्चाङ्ग एवम् राशिफल🗓️
📆 गुरुवार, २२ अक्टूबर २०२६


सूर्योदय: 🌅 ०६:२७
सूर्यास्त: 🌄 १७:५६
चन्द्रोदय: 🌝 १५:२८
चन्द्रास्त: 🌜 २७:२४+
अयन 🌖 दक्षिणायन
ऋतु: 🌧️ शरद
शक सम्वत: 👉 १९४८ (पराभव)
विक्रम सम्वत: 👉 २०८३ (रौद्र)
युगाब्द (कलि संवत) 👉 ५१२७
मास 👉 आश्विन
पक्ष 👉 शुक्ल
तिथि 👉 एकादशी (१४:४७ से द्वादशी)
नक्षत्र 👉 शतभिषा (२०:४९ से पूर्व भाद्रपद)
योग 👉 वृद्धि (२३:४० से ध्रुव)
प्रथम करण 👉 विष्टि/भद्रा (१४:४७ तक)
द्वितीय करण 👉 बव (२६:४७+ तक)
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॥ गोचर ग्रहा: ॥
🌖🌗🌖🌗
सूर्य 🌟 तुला
चंद्र 🌟 कुम्भ
मंगल 🌟 कर्क (उदित, पूर्व, मार्गी)
बुध 🌟 तुला (उदित, पूर्व, मार्गी)
गुरु 🌟 कर्क (उदित, पूर्व, मार्गी)
शुक्र 🌟 तुला (अस्त, पश्चिम, वक्री)
शनि 🌟 मीन (उदित, पश्चिम, वक्री)
राहु 🌟 कुम्भ
केतु 🌟 सिंह
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॥ शुभाशुभ मुहूर्त विचार॥
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अभिजित मुहूर्त 👉 ११:४८ से १२:३४
अमृत काल 👉 १३:१८ से १४:५८
विजय मुहूर्त 👉 १४:०६ से १४:५२
गोधूलि मुहूर्त 👉 १७:५६ से १८:२१
सायाह्न सन्ध्या 👉 १७:५६ से १९:११
निशिता मुहूर्त 👉 २३:४६ से २४:३६+
ब्रह्म मुहूर्त 👉 २८:४७+ से २९:३७+
प्रातः सन्ध्या 👉 २९:१२+ से ३०:२७+
राहुकाल 👉 १३:३७ से १५:०३
गुलिक काल 👉 ०९:१९ से १०:४५
यमगण्ड 👉 ०६:२७ से ०७:५३
दुर्मुहूर्त 👉 १०:१६ से ११:०२
वर्ज्य 👉 २७:१६+ से २८:५३+
भद्रा 👉 ०६:२७ से १४:४७
पञ्चक 👉 अहोरात्रि
विडाल योग 👉 २०:४९ से ३०:२७+
बाण 👉 रज (२०:४४ तक)
होमाहुति 👉 शनि
दिशा शूल 👉 दक्षिण
नक्षत्र शूल 👉 दक्षिण (२०:४९ से पूर्ण रात्रि)
राहु काल वास 👉 दक्षिण
अग्निवास 👉 आकाश (१४:४७ से पाताल)
भद्रावास 👉 मृत्यु (१४:४७ तक)
चन्द्रवास 👉 पश्चिम
शिववास 👉 क्रीड़ा में (१४:४७ से कैलाश पर)
कुम्भ चक्र 👉 पश्चिम
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☄चौघड़िया विचार☄
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॥ दिन का चौघड़िया ॥
१ – शुभ २ – रोग
३ – उद्वेग ४ – चर
५ – लाभ ६ – अमृत
७ – काल ८ – शुभ
॥ रात्रि का चौघड़िया॥
१ – अमृत २ – चर
३ – रोग ४ – काल
५ – लाभ ६ – उद्वेग
७ – शुभ ८ – अमृत
नोट👉 दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
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शुभ यात्रा दिशा
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(उत्तर, पूर्व✅) दही खाकर यात्रा करें॥
❌दक्षिण❌ दिशा शूल है॥
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तिथि विशेष
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आश्वनि शुक्ल एकादशी १४:४७ तक तदुपरांत द्वादशी, तृतीय चातुर्मास अन्तिम दिन, पद्मनाभ द्वादशी, पापांकुशा एकादशी
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आज जन्मे शिशुओं का नामकरण
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आज २०:४९ तक जन्मे शिशुओं के नाम शतभिषा नक्षत्र के अनुसार (गो, सा, सी, सू) नामाक्षर से एवम् उसके उपरांत पूर्व भाद्रपद नक्षत्र के अनुसार (से, सो, दा, दी) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है॥
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उदय लग्न मुहूर्त
तुला – ०६:१० से ०८:२५
वृश्चिक – ०८:२५ से १०:४१
धनु – १०:४१ से १२:४६
मकर – १२:४६ से १४:३२
कुम्भ – १४:३२ से १६:०५
मीन – १६:०५ से १७:३६
मेष – १७:३६ से १९:१६
वृषभ – १९:१६ से २१:१४
मिथुन – २१:१४ से २३:२८
कर्क – २३:२८ से २५:४४+
सिंह – २५:४४+ से २७:५६+
कन्या – २७:५६+ से ३०:०६+
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पञ्चक रहित मुहूर्त
अग्नि पञ्चक – ०६:२७ से ०८:२५
शुभ मुहूर्त – ०८:२५ से १०:४१
रज पञ्चक – १०:४१ से १२:४६
शुभ मुहूर्त – १२:४६ से १४:३२
चोर पञ्चक – १४:३२ से १४:४७
शुभ मुहूर्त – १४:४७ से १६:०५
रोग पञ्चक – १६:०५ से १७:३६
चोर पञ्चक – १७:३६ से १९:१६
शुभ मुहूर्त – १९:१६ से २०:४९
रोग पञ्चक – २०:४९ से २१:१४
शुभ मुहूर्त – २१:१४ से २३:२८
मृत्यु पञ्चक – २३:२८ से २५:४४+
अग्नि पञ्चक – २५:४४+ से २७:५६+
शुभ मुहूर्त – २७:५६+ से ३०:०६+
रज पञ्चक – ३०:०६+ से ३०:२७+
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⭕नोट- पंचांग में जहां कहीं भी समय के साथ उपर्युक्त 👉(➕) चिन्ह का प्रयोग किया जा रहा है वहां उसका आशय अगले दिवस के समय के लिये समझा जाये॥😊🙏🏻
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आज का सुविचार
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आवश्यक नहीं है कुछ गलत करने से ही दुःख मिले, अपोक्षा से अधिक अच्छे होने की भी कीमत चुकानी पड़ती है।॥😊✅🚩
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आज का राशिफल
🐐🐂💏💮🐅👩
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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज चंद्रमा कुम्भ में एकादश भाव में है, आय में वृद्धि होगी, रुका पैसा वापस आएगा। पापांकुशा एकादशी पर किया गया व्रत-दान अक्षय फल देगा। पञ्चक अहोरात्रि होने से लकड़ी और छत का कार्य टालें। भद्रा १४:४७ तक है। उपाय – विष्णु जी को पीले फूल और तुलसी अर्पित करें, एकादशी व्रत रखें।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज दशम में चंद्रमा है, कर्म क्षेत्र में बड़ी सफलता मिलेगी। बॉस प्रसन्न रहेगा, प्रमोशन के योग हैं। चातुर्मास के अन्तिम दिन किया गया दान अक्षय होगा। अभिजित मुहूर्त ११:४८ से १२:३४ शुभ है। उपाय – शिव जी को बेलपत्र और विष्णु जी को पीले फूल चढ़ाएं।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज भाग्य भाव में चंद्रमा है, भाग्य प्रबल होगा। पापांकुशा एकादशी पर विष्णु सहस्रनाम पढ़ने से पापों से मुक्ति मिलेगी। पिता से सहयोग मिलेगा। रवि योग नहीं है, पर अमृत काल १३:१८ से शुभ है। उपाय – विष्णु जी को तुलसी और केले का भोग लगाएं।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज अष्टम में चंद्रमा है, स्वास्थ्य का ध्यान रखें। पञ्चक अहोरात्रि होने से कोई बड़ा निर्माण कार्य न करें। भद्रा १४:४७ तक होने से शुभ कार्य दोपहर बाद करें। एकादशी व्रत से कष्ट टलेगा। उपाय – माँ लक्ष्मी को खीर और विष्णु जी को पीले वस्त्र अर्पित करें।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज सप्तम में चंद्रमा है, व्यापार में साझेदारी से लाभ होगा। दाम्पत्य जीवन में प्रेम बढ़ेगा। पद्मनाभ द्वादशी पर विष्णु पूजा अति शुभ है। अविवाहितों के लिए रिश्ते आएंगे। उपाय – सूर्य को जल दें और विष्णु जी को पीले फूल चढ़ाएं, एकादशी कथा सुनें।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज षष्ठ भाव में चंद्रमा है, शत्रु परास्त होंगे, रोग से मुक्ति मिलेगी। कोर्ट-कचहरी में विजय मिलेगी। पञ्चक में कोर्ट का कार्य शुभ नहीं, पर एकादशी व्रत से शत्रु शांत होंगे। उपाय – दुर्गा जी को बेलपत्र और विष्णु जी को तुलसी अर्पित करें।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज पंचम में चंद्रमा है, संतान से खुशी मिलेगी, विद्यार्थियों के लिए दिन उत्तम है। पापांकुशा एकादशी पर विद्या दान करने से अक्षय फल मिलेगा। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। उपाय – माँ लक्ष्मी को खीर और विष्णु जी को पीले फूल चढ़ाएं।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज चतुर्थ में चंद्रमा है, माता का सुख और भूमि-भवन का लाभ मिलेगा। घर में एकादशी पूजा होने से शुभता बढ़ेगी। मन थोड़ा अशांत रह सकता है। पञ्चक अहोरात्रि होने से भूमि पूजन टालें। उपाय – हनुमान जी को सिंदूर और विष्णु जी को तुलसी चढ़ाएं।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज पराक्रम भाव में वृद्धि होगी, भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा। छोटी यात्रा लाभ देगी। विडाल योग २०:४९ से होने से रात्रि में शुभ कार्य टालें। चातुर्मास अन्तिम दिन होने से दान करें। उपाय – विष्णु जी को पीले फूल और केले का भोग लगाएं।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज धन भाव में चंद्रमा है, धन लाभ के प्रबल योग हैं। वाणी से काम बनेंगे। पापांकुशा एकादशी पर किया गया अन्न दान पाप नाशक होगा। बाण रज २०:४४ तक है। उपाय – शनि मंदिर में दीपक जलाएं और विष्णु जी की आरती करें।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज आपकी राशि में चंद्रमा पञ्चक के साथ है, आत्मविश्वास बढ़ेगा लेकिन पञ्चक अहोरात्रि होने से कोई नया निर्माण शुरू न करें। एकादशी व्रत रखने से मनोकामना पूरी होगी। उपाय – शिव जी को जल और विष्णु जी को पीले फूल अर्पित करें।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज व्यय भाव में चंद्रमा है, खर्च अधिक रहेगा। विदेश से लाभ होगा। पञ्चक अहोरात्रि होने से यात्रा में सावधानी रखें। चातुर्मास के अन्तिम दिन विष्णु पूजा अति शुभ है। उपाय – बृहस्पति देव को पीले फूल और विष्णु जी को तुलसी का भोग लगाएं।
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शान्ताकारं भुजगशयनं पद्मनाभं सुरेशं विश्वाधारं गगनसदृशं मेघवर्णं शुभाङ्गम्।
लक्ष्मीकान्तं कमलनयनं योगिभिर्ध्यानगम्यं वन्दे विष्णुं भवभयहरं सर्वलोकैकनाथम्॥
भगवान सत्यदेवजी की जय
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