अमित शाह के बिहार दौरे के पूर्व नीतीश कुमार ने चला बड़ा दांव

पटना

बिहार में नीतीश कुमार ने जो चाहा है वही किया है। 30 मार्च को अमित शाह बिहार दौरे पर आ रहे है उससे पहले नीतीश ने एक बड़ा दांव चला है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रविवार को पटना में अपने आवास पर एक बड़ी दावत-ए-इफ्तार का आयोजन कर रहे हैं।  इस इफ्तार में कई मुस्लिम संगठनों के प्रतिनिधि और बड़े नेता शामिल होंगे। राजद नेता तेजस्वी यादव को भी बुलाया गया है। लेकिन, कुछ मुस्लिम संगठनों ने वक्फ संशोधन बिल 2024 के विरोध में इस इफ्तार का बायकॉट करने का फैसला किया है।

हर साल इफ्तार पार्टी देते हैं नीतीश

दरअसल, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हर साल इफ्तार पार्टी देते हैं। इस साल भी वे यह परंपरा निभा रहे हैं। यह इफ्तार पार्टी रविवार शाम को 1 अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में होगी। इसमें एनडीए के सभी सहयोगी दलों के नेताओं को बुलाया गया है। राजद नेता तेजस्वी यादव को भी निमंत्रण भेजा गया है।

सूत्रों के अनुसार, तेजस्वी यादव को नेता प्रतिपक्ष होने के नाते प्रोटोकॉल के तहत बुलाया गया है। अब यह देखना होगा कि तेजस्वी यादव इस इफ्तार में शामिल होते हैं या नहीं। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि उनके आने की संभावना कम है। इफ्तार में एनडीए के कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं। जदयू, भाजपा, हम, लोजपा (रा) और रालोमा के नेता भी इसमें भाग लेंगे।

नीतीश की इफ्तारी का बायकॉट

इस बीच, बिहार के कुछ प्रमुख मुस्लिम धार्मिक संगठनों ने इस इफ्तार का बायकॉट करने का ऐलान किया है। इन संगठनों ने नीतीश कुमार को एक पत्र लिखकर बताया है कि वे वक्फ संशोधन बिल 2024 के विरोध में ऐसा कर रहे हैं। मुस्लिम संगठनों के इस फैसले से जदयू में हलचल है. बायकॉट करने वाला संगठन बिहार, झारखंड और उड़ीसा का एक बड़ा मुस्लिम संगठन है।

पत्र लिखने वाले संगठनों में ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड, इमारत-ए-शरिया, जमीयत उलेमा हिंद, जमीयत अहले हदीस, जमात-ए-इस्लामी हिंद, खानकाह मुजीबिया और खानकाह रहमानी शामिल हैं। इन संगठनों ने नीतीश कुमार को सीधे शब्दों में कहा है कि आपने धर्मनिरपेक्ष शासन और अल्पसंख्यकों के अधिकार की सुरक्षा के वादे पर सत्ता हासिल की थी लेकिन भाजपा के साथ आपका गठबंधन और अतार्किक व असंवैधानिक वक्फ संशोधन बिल को आपका समर्थन आपके उन्हीं वादों का खुल्लमखुल्ला उल्लंघन है।

वक्फ संशोधन बिल का विरोध कर रहे मुस्लिम संगठन

वक्फ संशोधन बिल 2024 एक ऐसा कानून है, जिसे लेकर कुछ मुस्लिम संगठनों को आपत्ति है। उनका मानना है कि यह कानून मुस्लिम समुदाय के हितों के खिलाफ है। इसी वजह से वे नीतीश कुमार के इफ्तार पार्टी का विरोध कर रहे हैं। अब देखना यह है कि इस इफ्तार पार्टी में कौन-कौन शामिल होता है और इस बायकॉट का क्या असर होता है। यह भी देखना होगा कि नीतीश कुमार इन मुस्लिम संगठनों की चिंताओं को दूर करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

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