Aaj Ka Rashifal 27 September 2026: आज श्राद्ध पक्ष के पहले दिन बन रहा सर्वार्थ सिद्धि योग, जानिए मेष से लेकर मीन राशि का दैनिक राशिफल

आध्यात्मिक गुरु पंडित कमला पति त्रिपाठी
┈┉══════❀((“”ॐ””))❀══════┉┈
🗓️आज का पञ्चाङ्ग एवम् राशिफल🗓️
📆 रविवार, २७ सितम्बर २०२६

सूर्योदय: 🌅 ०६:१७
सूर्यास्त: 🌄 १८:१८
चन्द्रोदय: 🌝 १८:४०
चन्द्रास्त: 🌜 ०६:३६
अयन 🌖 दक्षिणायन
ऋतु: 🌧️ शरद
शक सम्वत: 👉 १९४८ (पराभव)
विक्रम सम्वत: 👉 २०८३ (रौद्र)
युगाब्द (कलि संवत) 👉 ५१२७
मास 👉 आश्विन (महाराष्ट्र एवम् गुजरात के अनुसार भाद्रपद)
पक्ष 👉 कृष्ण
तिथि 👉 प्रतिपदा (२०:५८ से द्वितीया)
नक्षत्र 👉 उत्तर भाद्रपद (११:०८ से रेवती)
योग 👉 वृद्धि (११:१७ से ध्रुव)
प्रथम करण 👉 बालव (०९:४१ तक)
द्वितीय करण 👉 कौलव (२०:५८ तक)
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॥ गोचर ग्रहा: ॥
🌖🌗🌖🌗
सूर्य 🌟 कन्या
चंद्र 🌟 मीन
मंगल 🌟 कर्क (उदित, पूर्व, मार्गी)
बुध 🌟 तुला (उदित, पूर्व, मार्गी)
गुरु 🌟 कर्क (उदित, पूर्व, मार्गी)
शुक्र 🌟 तुला (उदित, पूर्व, मार्गी)
शनि 🌟 मीन (उदित, पश्चिम, वक्री)
राहु 🌟 कुम्भ
केतु 🌟 सिंह
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॥ शुभाशुभ मुहूर्त विचार॥
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अभिजित मुहूर्त 👉 ११:५४ से १२:४२
अमृत काल 👉 ०६:२४ से ०७:५९
सर्वार्थ सिद्धि योग 👉 ०६:१७ से ११:०८
विजय मुहूर्त 👉 १४:१८ से १५:०६
गोधूलि मुहूर्त 👉 १८:१८ से १८:४२
सायाह्न सन्ध्या 👉 १८:१८ से १९:३०
निशिता मुहूर्त 👉 २३:५४ से २४:४२+
ब्रह्म मुहूर्त 👉 २८:४१+ से २९:२९+
प्रातः सन्ध्या 👉 २९:०५+ से ३०:१७+
राहुकाल 👉 १६:४८ से १८:१८
गुलिक काल 👉 १५:१८ से १६:४८
यमगण्ड 👉 १२:१८ से १३:४८
दुर्मुहूर्त 👉 १६:४२ से १७:३०
वर्ज्य 👉 २२:४२ से २४:१४+
गण्ड मूल 👉 ११:०८ से ३०:१७+
पञ्चक 👉 अहोरात्रि
आडल योग 👉 ०६:१७ से ११:०८
विडाल योग 👉 ११:०८ से १३:२५
बाण 👉 मृत्यु (१३:२५ से पूर्ण रात्रि)
होमाहुति 👉 चन्द्र (११:०८ से मंगल १३:२५ से चन्द्र)
दिशा शूल 👉 पश्चिम
राहु काल वास 👉 उत्तर
अग्निवास 👉 पाताल (२०:५८ से पृथ्वी)
चन्द्रवास 👉 उत्तर
शिववास 👉 गौरी के साथ (२०:५८ से सभा में)
कुम्भ चक्र 👉 उत्तर
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☄चौघड़िया विचार☄
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॥ दिन का चौघड़िया ॥
१ – उद्वेग २ – चर
३ – लाभ ४ – अमृत
५ – काल ६ – शुभ
७ – रोग ८ – उद्वेग
॥ रात्रि का चौघड़िया॥
१ – शुभ २ – अमृत
३ – चर ४ – रोग
५ – काल ६ – लाभ
७ – उद्वेग ८ – शुभ
नोट👉 दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
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शुभ यात्रा दिशा
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(पूर्व) दलिया या घी का सेवन करके यात्रा करें॥
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तिथि विशेष
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पितृपक्ष प्रारम्भ, प्रतिपदा श्राद्ध, आश्विन मास प्रारम्भ (उत्तर), तृतीय चातुर्मास का ५वां दिवस, विश्व पर्यटन दिवस, इष्टि आदि
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आज जन्मे शिशुओं का नामकरण
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आज ११:०८ तक जन्मे शिशुओं के नाम उत्तर भाद्रपद नक्षत्र के अनुसार क्रमश: (दू, थ, झ, ञ) नामाक्षर से एवम् उसके उपरांत रेवती नक्षत्र के अनुसार क्रमश: (दे, दो, चा, ची) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है॥
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उदय लग्न मुहूर्त
कन्या – ०५:३८ से ०७:४९
तुला – ०७:४९ से १०:०३
वृश्चिक – १०:०३ से १२:१९
धनु – १२:१९ से १४:२४
मकर – १४:२४ से १६:११
कुम्भ – १६:११ से १७:४४
मीन – १७:४४ से १९:१४
मेष – १९:१४ से २०:५४
वृषभ – २०:५४ से २२:५२
मिथुन – २२:५२ से २५:०६+
कर्क – २५:०६+ से २७:२२+
सिंह – २७:२२+ से २९:३४+
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पञ्चक रहित मुहूर्त
रज पञ्चक – ०६:१७ से ०७:४९
शुभ मुहूर्त – ०७:४९ से १०:०३
चोर पञ्चक – १०:०३ से ११:०८
शुभ मुहूर्त – ११:०८ से १२:१९
रोग पञ्चक – १२:१९ से १४:२४
शुभ मुहूर्त – १४:२४ से १६:११
मृत्यु पञ्चक – १६:११ से १७:४४
अग्नि पञ्चक – १७:४४ से १९:१४
शुभ मुहूर्त – १९:१४ से २०:५४
मृत्यु पञ्चक – २०:५४ से २०:५८
अग्नि पञ्चक – २०:५८ से २२:५२
शुभ मुहूर्त – २२:५२ से २५:०६+
रज पञ्चक – २५:०६+ से २७:२२+
शुभ मुहूर्त – २७:२२+ से २९:३४+
चोर पञ्चक – २९:३४+ से ३०:१७+
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⭕नोट- पंचांग में जहां कहीं भी समय के साथ उपर्युक्त 👉(➕) चिन्ह का प्रयोग किया जा रहा है वहां उसका आशय अगले दिवस के समय के लिये समझा जाये॥😊🙏🏻
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आज का सुविचार
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पितरों के आशीर्वाद से ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है॥😊✅🚩
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आज का राशिफल
🐐🐂💏💮🐅👩
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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज पितृपक्ष प्रारम्भ पर पितरों का स्मरण शुभ फल देगा। कार्यक्षेत्र में नया अवसर मिलेगा। पिता का आशीर्वाद लें।

वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज मन शांत रखें। खर्च बढ़ सकता है। गण्ड मूल के कारण कोई नया कार्य 11:08 के बाद ही प्रारम्भ करें।

मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज भाग्य साथ देगा। व्यापार में लाभ होगा। मित्रों से सहयोग मिलेगा।

कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज मंगल का प्रभाव थोड़ा भारी है। क्रोध से बचें। घर में श्राद्ध कर्म सम्पन्न होगा।

सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज सूर्य प्रधान दिन है, मान-सम्मान बढ़ेगा। सरकारी कार्य पूर्ण होंगे।

कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज दिन मेहनत भरा रहेगा। सेहत का ध्यान रखें। पुराना कर्ज चुक सकता है।

तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। जीवनसाथी से सहयोग मिलेगा। यात्रा टालें, दिशा शूल पश्चिम है।

वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज विडाल योग के कारण सावधानी रखें। कोई बड़ा निर्णय दोपहर बाद लें। हनुमान चालीसा का पाठ करें।

धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज धर्म-कर्म में रुचि बढ़ेगी। दान-पुण्य का विशेष फल मिलेगा। संतान की ओर से खुशखबरी।

मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज पंचक अहोरात्रि है, नया निर्माण न करें। शिव जी को तिल और जल अर्पित करें।

कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज चन्द्रमा उत्तर में है। लाभ के योग हैं। नौकरी में पदोन्नति के संकेत।

मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज रेवती नक्षत्र में जन्मे जातकों के लिए दिन शुभ है। विदेश से शुभ समाचार मिलेगा। पितरों के निमित्त ब्राह्मण भोजन कराएं।
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सद्भिरेव सहासीत सद्भिः कुर्वीत सङ्गतिम्।
सद्भिर्विवादं मैत्री च नासद्भिः किञ्चिदाचरेत् ॥
भगवान सूर्यदेव जी की जय
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भाद्र शुक्ल पूर्णिमा 26 सितंबर 2026 शनिवार से अगस्त ऋषि तर्पण प्रारंभ।16 दिनों की वह अवधि है जिसमें हिंदू धर्म के लोग अपने पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक याद करते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए पिंडदान व तर्पण करते हैं। पितृ पक्ष का पौराणिक महत्व महाभारत काल से जुड़ा है। मान्यता है कि कर्ण को मृत्यु के बाद स्वर्ग में भोजन के बजाय सोना मिला। इंद्रदेव ने बताया कि उन्होंने जीवनभर स्वर्ण दान किया, पर पूर्वजों को अन्न-जल नहीं दिया ,तब कर्ण को 16 दिन पृथ्वी पर लौटकर पितरों को अन्न-जल अर्पित करने की अनुमति मिली। पितृ ऋण से मुक्ति हिंदू शास्त्रों के अनुसार प्रत्येक व्यक्ति पर अपने पूर्वजों का ऋण (पितृ ऋण) होता है। श्राद्ध और पितृपक्ष के दौरान अनुष्ठान करने से इस ऋण से मुक्ति मिलती है। इस दौरान भौतिक जगत और पितृ लोक के बीच की दूरी कम हो जाती है जिससे पूर्वज पृथ्वी पर आकर अपने वंशजों द्वारा दिए गए तर्पण और भोजन को स्वीकार करते हैं। पिंडदान और तर्पण चावल, जौ और तिल से बने पिंड अर्पित कर जल दिया जाता है।पंचबली भोग- भोजन का अंश गाय, कुत्ते, कौवे, देवता और चीटियों के लिए निकाला जाता है। दान-पुण्य गरीबों और ब्राह्मणों को अन्न, वस्त्र व दान अपने पिता के तिथि पर दिया जाता है।
आध्यात्मिक गुरु पं कमला पति त्रिपाठी प्रमोद
संपर्क सूत्र- 09430681371,
08651266201

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