आध्यात्मिक गुरु पंडित कमला पति त्रिपाठी
┈┉══════❀((“”ॐ””))❀══════┉┈
🗓️आज का पञ्चाङ्ग एवम् राशिफल🗓️
📆 शनिवार, ३१ अक्टूबर २०२६

सूर्योदय: 🌅 ०६:३१
सूर्यास्त: 🌄 १७:४९
चन्द्रोदय: 🌝 २२:५१
चन्द्रास्त: 🌜 ११:४६
अयन 🌖 दक्षिणायन
ऋतु: 🌥️ हेमन्त
शक सम्वत: 👉 १९४८ (पराभव)
विक्रम सम्वत: 👉 २०८३ (रौद्र)
युगाब्द (कलि संवत) 👉 ५१२७
मास 👉 कार्तिक (महाराष्ट्र एवम् गुजरात के अनुसार आश्विन)
पक्ष 👉 कृष्ण
तिथि 👉 षष्ठी (१६:५७ से सप्तमी)
नक्षत्र 👉 आर्द्रा (०७:१२ से पुनर्वसु, २९:३९+ से पुष्य)
योग 👉 सिद्ध (१७:३१ से साध्य)
प्रथम करण 👉 वणिज (१६:५७ तक)
द्वितीय करण 👉 विष्टि/भद्रा (२७:५१+ तक)
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॥ गोचर ग्रहा: ॥
🌖🌗🌖🌗
सूर्य 🌟 तुला
चंद्र 🌟 मिथुन (०७:१२ से कर्क)
मंगल 🌟 कर्क (उदित, पूर्व, मार्गी)
बुध 🌟 तुला (अस्त, पश्चिम, वक्री)
गुरु 🌟 सिंह (उदित, पूर्व, मार्गी)
शुक्र 🌟 तुला (उदित, पश्चिम, वक्री)
शनि 🌟 मीन (उदित, पश्चिम, वक्री)
राहु 🌟 कुम्भ
केतु 🌟 सिंह
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॥ शुभाशुभ मुहूर्त विचार॥
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अभिजित मुहूर्त 👉 ११:४८ से १२:३३
अमृत काल 👉 २७:२४+ से २८:५४+
त्रिपुष्कर योग 👉 १६:५७ से २९:३९+
रवि योग 👉 ०७:१२ से २९:३९+
विजय मुहूर्त 👉 १४:०३ से १४:४९
गोधूलि मुहूर्त 👉 १७:४९ से १८:१५
सायाह्न सन्ध्या 👉 १७:४९ से १९:०६
निशिता मुहूर्त 👉 २३:४५ से २४:३६+
ब्रह्म मुहूर्त 👉 २८:५०+ से २९:४१+
प्रातः सन्ध्या 👉 २९:१५+ से ३०:३१+
राहुकाल 👉 ०९:२१ से १०:४६
गुलिक काल 👉 ०६:३१ से ०७:५६
यमगण्ड 👉 १३:३५ से १५:००
दुर्मुहूर्त 👉 ०६:३१ से ०७:१७
वर्ज्य 👉 १८:२५ से १९:५५
भद्रा 👉 १६:५७ से २७:५१+
आडल योग 👉 ०७:१२ से २९:३९+
विडाल योग 👉 ०६:३१ से ०७:१२
बाण 👉 रज (२१:२२ तक)
होमाहुति 👉 गुरु
दिशा शूल 👉 पूर्व
राहु काल वास 👉 पूर्व
अग्निवास 👉 आकाश (१६:५७ से पाताल)
भद्रावास 👉 स्वर्ग (१६:५७ से २४:००+)
भद्रावास 👉 पृथ्वी (२४:००+ से २७:५१+)
चन्द्रवास 👉 पश्चिम (२४:००+ से उत्तर)
शिववास 👉 भोजन में (१६:५७ से श्मशान में)
कुम्भ चक्र 👉 गर्भ
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☄चौघड़िया विचार☄
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॥ दिन का चौघड़िया ॥
१ – काल २ – शुभ
३ – रोग ४ – उद्वेग
५ – चर ६ – लाभ
७ – अमृत ८ – काल
॥ रात्रि का चौघड़िया॥
१ – लाभ २ – उद्वेग
३ – शुभ ४ – अमृत
५ – चर ६ – रोग
७ – काल ८ – लाभ
नोट👉 दिन और रात्रि के चौघड़िया का आरंभ क्रमशः सूर्योदय और सूर्यास्त से होता है। प्रत्येक चौघड़िए की अवधि डेढ़ घंटा होती है।
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शुभ यात्रा दिशा
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(उत्तर, पश्चिम, दक्षिण✅) तिल खाकर यात्रा करें॥
❌पूर्व❌ दिशा शूल है॥
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तिथि विशेष
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कार्तिक कृष्ण षष्ठी, चतुर्थ चातुर्मास का १०वाँ दिवस, आदि
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आज जन्मे शिशुओं का नामकरण
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आज ०७:१२ तक जन्मे शिशुओं के नाम आर्द्रा नक्षत्र के अनुसार (कू, घ, ङ, छ) नामाक्षर से एवम् उसके उपरांत पुनर्वसु नक्षत्र के अनुसार (के, को, हा, ही) नामाक्षर से रखना शास्त्र सम्मत है॥
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उदय लग्न मुहूर्त
तुला – ०५:३५ से ०७:४९
वृश्चिक – ०७:४९ से १०:०५
धनु – १०:०५ से १२:११
मकर – १२:११ से १३:५७
कुम्भ – १३:५७ से १५:३०
मीन – १५:३० से १७:००
मेष – १७:०० से १८:४१
वृषभ – १८:४१ से २०:३९
मिथुन – २०:३९ से २२:५२
कर्क – २२:५२ से २५:०८+
सिंह – २५:०८+ से २७:२०+
कन्या – २७:२०+ से २९:३१+
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पञ्चक रहित मुहूर्त
शुभ मुहूर्त – ०६:३१ से ०७:१२
चोर पञ्चक – ०७:१२ से ०७:४९
शुभ मुहूर्त – ०७:४९ से १०:०५
रोग पञ्चक – १०:०५ से १२:११
शुभ मुहूर्त – १२:११ से १३:५७
मृत्यु पञ्चक – १३:५७ से १५:३०
अग्नि पञ्चक – १५:३० से १६:५७
शुभ मुहूर्त – १६:५७ से १७:००
मृत्यु पञ्चक – १७:०० से १८:४१
अग्नि पञ्चक – १८:४१ से २०:३९
शुभ मुहूर्त – २०:३९ से २२:५२
रज पञ्चक – २२:५२ से २५:०८+
शुभ मुहूर्त – २५:०८+ से २७:२०+
चोर पञ्चक – २७:२०+ से २९:३१+
चोर पञ्चक – २९:३१+ से २९:३९+
शुभ मुहूर्त – २९:३९+ से ३०:३२+
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⭕नोट- पंचांग में जहां कहीं भी समय के साथ उपर्युक्त 👉(➕) चिन्ह का प्रयोग किया जा रहा है वहां उसका आशय अगले दिवस के समय के लिये समझा जाये॥😊🙏🏻
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आज का सुविचार
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गुणवत्ता चुनें,मात्रा नही,कम चुनो,लेकिन बेहतरीन चुनो चाहे वो मित्र हो या शत्रु हो॥😊✅🚩
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आज का राशिफल
🐐🐂💏💮🐅👩
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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज चंद्रमा मिथुन में ०७:१२ तक फिर कर्क में आएगा, पराक्रम से धन लाभ होगा, फिर सुख बढ़ेगा। त्रिपुष्कर योग १६:५७ से २९:३९+ में किया गया कार्य तीन गुना फल देगा। भद्रा १६:५७ से होने से उससे पहले शुभ कार्य करें। उपाय – हनुमान जी को सिंदूर और शनि देव को सरसों का तेल चढ़ाएं।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज धन भाव में चंद्रमा है, धन लाभ के प्रबल योग हैं। वाणी से काम बनेंगे। रवि योग ०७:१२ से २९:३९+ में नया कार्य शुभ है। उपाय – लक्ष्मी जी को कमल और शनि देव को काले तिल अर्पित करें।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज आपकी राशि में चंद्रमा आर्द्रा में ०७:१२ तक है, फिर पुनर्वसु में। आत्मविश्वास बढ़ेगा, पर मन थोड़ा अशांत रह सकता है। अभिजित ११:४८ से शुभ है। उपाय – शनि मंदिर में दीपक जलाएं और शिव जी को बेलपत्र चढ़ाएं।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज द्वादश भाव में चंद्रमा ०७:१२ तक फिर आपकी राशि में आएगा, खर्च अधिक रहेगा, फिर सुख बढ़ेगा। चंद्रवास पश्चिम से उत्तर २४:००+ पर होने से यात्रा शुभ है। उपाय – शिव जी को जल और हनुमान जी को सिंदूर अर्पित करें।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज एकादश भाव में चंद्रमा है, आय में वृद्धि होगी, रुका पैसा वापस आएगा। सिद्ध योग १७:३१ तक शुभ है, त्रिपुष्कर योग में बड़ा लाभ होगा। उपाय – सूर्य को जल दें और शनि देव को काले तिल चढ़ाएं।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आज दशम भाव में चंद्रमा है, कर्म क्षेत्र में बड़ी सफलता मिलेगी। बॉस प्रसन्न रहेगा, प्रमोशन के योग हैं। विडाल योग ०६:३१ से ०७:१२ टालें। उपाय – हनुमान जी को सिंदूर और शनि देव को तेल अर्पित करें।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज भाग्य भाव में चंद्रमा है, भाग्य प्रबल होगा। कार्तिक में गंगा स्नान और दान से भाग्योदय होगा। पिता से सहयोग मिलेगा। अमृत काल २७:२४+ से शुभ है। उपाय – शनि देव को काले तिल और शिव जी को बेलपत्र चढ़ाएं।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज अष्टम में चंद्रमा है, स्वास्थ्य का ध्यान रखें। बाण रज २१:२२ तक होने से रात्रि में यात्रा टालें। शिववास भोजन में १६:५७ तक होने से शाम तक शिव पूजा शुभ है। उपाय – हनुमान जी को चोला चढ़ाएं और शनि देव को दीपक जलाएं।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आज सप्तम में चंद्रमा है, व्यापार में साझेदारी से लाभ होगा। दाम्पत्य जीवन में प्रेम बढ़ेगा। चंद्रवास पश्चिम में होने से पश्चिम दिशा में यात्रा शुभ है। उपाय – विष्णु जी को पीले फूल और शनि देव को काले तिल अर्पित करें।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आज षष्ठ भाव में चंद्रमा है, शत्रु परास्त होंगे, रोग से मुक्ति मिलेगी। कोर्ट-कचहरी में विजय मिलेगी। सिद्ध योग में शत्रु शांत होंगे। उपाय – शनि मंदिर में दीपक जलाएं और हनुमान जी की आरती करें।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज पंचम में चंद्रमा है, संतान से खुशी मिलेगी, विद्यार्थियों के लिए दिन उत्तम है। कार्तिक में विद्या दान करें। प्रेम संबंधों में मधुरता आएगी। त्रिपुष्कर योग में किया दान तीन गुना फल देगा। उपाय – शिव जी को जल और शनि देव को सरसों का तेल अर्पित करें।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज चतुर्थ में चंद्रमा है, माता का सुख और भूमि-भवन का लाभ मिलेगा। घर में शिव पूजा होने से शुभता बढ़ेगी। मन थोड़ा अशांत रह सकता है। उपाय – बृहस्पति देव को पीले फूल और शनि देव को काले तिल का भोग लगाएं।
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न कश्चित कस्यचित मित्रं न कश्चित कस्यचित रिपु:।
व्यवहारेण जायन्ते, मित्राणि रिप्वस्तथा ॥
भगवान शनिदेव जी की जय
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