जन जन के चहेते व जनता के सेवक के नाम से मशहूर भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह के बारे में जानिए

मुज़फ़्फ़रपुर

जन जन के चहेते व जनता के सेवक के नाम से मशहूर भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह नीतीश कैबिनेट में मंत्री पद की शपथ ले ली  है।  9.15 करोड़ रुपए खुद का सालाना आय बताने वाले मुजफ्फरपुर के साहेबगंज से भाजपा के विधायक राजू कुमार सिंह बड़ा दाउद के रहने वाले है।  राजू सिंह का परिवार दवाओं के कारोबार से जु़ड़ा है। राजू सिंह के पिता आनंदपुर खरौनी पंचायत के कई बार मुखिया रह चुके हैं, जबकि खुद राजू सिंह चार बार अलग-अलग पार्टियों से विधायक चुने जा चुके हैं। उनकी पत्नी रेणु सिंह भी पूर्वी चंपारण से एमएलसी भी रही हैं।

12 जनवरी 1970 पारू थाना क्षेत्र के आनंदपुर खरौनी गांव में जन्मे विधायक राजू सिंह मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड के बड़ा दाउद गांव के रहने वाले हैं। उनकी गिनती बिहार के रसूखदार सियासतदार के साथ ही उद्योग और व्यवसाय जगत के बड़े लोगों में की जाती है। कारोबारी से इंडस्ट्रियलिस्ट और फिर राजनीति में एंट्री करने वाले राजू सिंह ने साल 2005 में पहली बार लोजपा के टिकट पर साहेबगंज से विधायक चुने गए थे। इसी साल लोजपा में टूट हो गई, जिसके बाद अक्टूबर में पार्टी बदलकर राजू सिंह जदयू में शामिल हुए और दोबारा साहेबगंज से विधायक चुने गए। साल 2010 में तीसरी बार राजू सिंह साहेबगंज से विधायक चुने गए।

राजू सिंह साल 2009 में अपनी पत्नी रेणु सिंह को निर्दलीय चुनाव लड़ा कर एमएलसी बनाने में सफल रहे थे। राजू कुमार सिंह ने 2015 में जदयू को छोड़ बीजेपी का दामन थाम लिया। हालांकि, 2015 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा था। 2020 में एक बार फिर पार्टी बदलते हुए राजू सिंह ने वीआईपी से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। हालांकि, दो साल बाद यानी 2022 में राजू सिंह के साथ दो अन्य विधायकों ने मुकेश सहनी की वीआईपी से नाता तोड़ लिया और भाजपा में शामिल हो गए।

चार बार के विधायक राजू सिंह ने की है इंजीनियरिंग की पढ़ाई

राजू कुमार सिंह ने इंजीनियरिंग में पढ़ाई की है। उन्होंने 1984 में मैट्रिक पास किया। इसके बाद 1996 में महाराष्ट्र से बी-टेक की पढ़ाई पूरी की। बाद में एम-टेक करने के बाद महाराष्ट्र से ही पीएचडी की डिग्री हासिल की।पीएचडी तक की पढ़ाई करने वाले डॉ. राजू कुमार सिंह की वार्षिक आय 9 करोड़ 15 लाख 62 हजार 147 रुपए है। इन्होंने अपनी सालाना कमाई का जिक्र 2020 में चुनाव लड़ने के दौरान दायर किए गए हलफनामा में किया था।

साहेबगंज विधानसभा के विधायक राजू सिंह के पिता उदय प्रताप सिंह पारू प्रखंड के आनंदपुर खरौनी पंचायत के कई बार मुखिया रहे हैं। परिवार का दवाई का कारोबार है, जो उत्तर प्रदेश के नोएडा, गुजरात के अहमदाबाद समेत कई बड़े शहरों फैला है। इसके अलावा रूस और अमेरिका में भी उनकी दवाओं का कारोबार होता है। बताया जाता है कि सोवियत संघ के विघटन और आर्थिक मंदी के समय राजू सिंह के परिवार ने दवा के कारोबार को सोवियत संघ तक लेकर गए और फिर करोड़ों का दवाओं का साम्राज्य विकसित किया।

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