एईएस के संभावित खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने किया अलर्ट

मुज़फ़्फ़रपुर

एईएस के संभावित खतरे को देखते हुए जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने एईएस की रोकथाम, बचाव एवं जन जागरूकता हेतु जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ समाहरणालय सभागार मे की तथा उनके कार्य एवं दायित्व से अवगत कराते हुए अधिकारियों को सजग रहने तथा विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी सक्रिय एवं तत्पर होकर सभी कार्य मिशन मोड में पूरा करने का सख्त निर्देश दिया।

उन्होंने कहा कि निर्धारित एक्शन प्लान के अनुसार प्रत्येक सप्ताह शनिवार को अपने अपने आवंटित पंचायत में सभी अधिकारी निश्चित रूप से उपस्थित रहेंगे तथा जागरूकता अभियान चलाएंगे। अनधिकृत रूप से मुख्यालय छोड़ने तथा संध्या चौपाल में भाग नहीं लेने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बच्चों के प्रति गंभीर एवं संवेदनशील होने तथा समर्पित भाव से निर्धारित ड्यूटी का पालन करने का सख्त निर्देश दिया।

जिलाधिकारी ने जीविका एवं आईसीडीएस द्वारा गांव-गांव तथा घर-घर में जागरूकता अभियान चलाने तथा डोर टू डोर कैंपेनिंग करने को कहा। इसके लिए आंगनबाड़ी सेविका सहायिका के माध्यम से अपने-अपने पोषक क्षेत्र में 0 से 15 आयु वर्ग के बच्चों की सूची तैयार करने का निर्देश डीपीओ आईसीडीएस को दिया। अति कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र तक लाने, टेक होम राशन की समुचित व्यवस्था करने का निर्देश दिया। सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को अपने-अपने प्रखंड में आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका के साथ बैठक कर उन्हें बीमारी से बचाव एवं रोकथाम के बारे में प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया। इसके लिए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बीमारी के लक्षण क्या करें, क्या ना करें तथा बचाव एवं सावधानी से संबंधित संदेश प्रचारित करने को कहा।
जन वितरण प्रणाली की दुकानों पर एईएस की रोकथाम एवं बचाव हेतु बैनर लगाए जाएंगे।

सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी को शिक्षकों के साथ बैठक आयोजित करने तथा उन्हें बीमारी की रोकथाम हेतु हैंडबिल वितरित करने एवं परिचर्चा करने का निर्देश दिया गया।

जिलाधिकारी ने सिविल सर्जन को स्वास्थ्य विभाग से प्रचार सामग्री प्राप्त कर वितरित करने तथा एईएस की रोकथाम एवं बचाव हेतु मशीनरी को मजबूत करने एवं आवश्यक प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया।

प्रखंड स्तर पर भी प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को पंचायत प्रतिनिधियों तथा कर्मियों के साथ बैठक कर सभी आवश्यक जानकारी देने का निर्देश दिया।

सिविल सर्जन एवं जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी को कार्य योजना के अनुरूप सभी गतिविधियाँ एवं आवश्यक व्यवस्था ससमय सुनिश्चित करने को कहा।

जिलाधिकारी ने कहा कि विगत वर्ष सभी अधिकारियों एवं कर्मियों ने आपसी समन्वय बनाकर पूरी सतर्कता एवं सक्रियता से कार्य किया जिसके फलस्वरूप एक भी डेथ केस नहीं हुआ। उन्होंने सभी अधिकारियों से विगत वर्ष की भांति ही लगन एवं मेहनत से सावधानीपूर्वक कार्य करने को कहा।

1 अप्रैल से एईएस की रोकथाम,बचाव, जागरूकता हेतु होने वाली बैठक मॉनिटरिंग एवं डोर टू डोर कैंपेनिंग कार्य में तेजी आ जाएगी। इस कार्य की नियमित समीक्षा कर उत्तरोत्तर आवश्यक सुधार एवं प्रगति लाई जाएगी।

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