बिहार के मुंगेर में दरोगा का मर्डर, इलाज के दौरान मौत

मुंगेर

अररिया के बाद अब बिहार के मुंगेर में एक दारोगा की तेज धार हथियार से हमला कर हत्या कर दी गई। इस खौफनाक कांड को तब अंजाम दिया गया जब दारोगा दो गुटों के बीच झड़प को रोकने पहुंचे थे। इसी दौरान उन पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें वो बेहद ही ज्यादा गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे।

मुंगेर में दारोगा का मर्डर

घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर और फोर्स पहुंची और पुलिस ने उन्हें गंभीर अवस्था में सदर अस्तपताल में भर्ती कराया। जहां सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉक्टर आशीष कुमार ने उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया। इसके बाद दारोगा को पटना के पारस अस्पताल लाया गया।

इलाज के दौरान दारोगा की मौत

जब एएसआई संतोष कुमार को मुंगेर नेशनल हॉस्पिटल से पटना के अस्पताल लाया गया तो उनकी हालत और बिगड़ चुकी थी। आखिर में पारस अस्पताल में इलाज के दौरान दारोगा संतोष कुमार ने शनिवार की रात साढ़े 3 बजे दम तोड़ दिया। अब उनका पार्थिव शरीर मुंगेर लाया जाएगा और पोस्टमार्टम होने के बाद पुलिस लाइन में गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा फिर उनके घर भभुआ के मोहनिया गांव भेजा जाएगा।

दारोगा के सिर पर कई बार किया गया वार

एएसआई संतोष कुमार भभुआ के रहने वाले थे और एक साल से मुफसिल थाना में तैनात थे। बताया जा रहा है कि घायल एएसआई डायल 112 पर तैनात थे। उन्हें शुक्रवार शाम 7 बजकर 45 मिनट पर सूचना मिली कि आईटीसी नंदलालपुर के पास दो पक्ष आपस किसी बात को लेकर मारपीट कर रहे हैं। इसी सूचना पर एएसआई संतोष कुमार दल बल के साथ मौका ए वारदात पर पहुंचे। वो दोनों गुटों को समझाने की कोशिश कर रहे थे।

गांव में दो गुटों का झगड़ा रोकने गए थे दारोगा

इसी बीच एक पक्ष के उपद्रवियों ने संतोष के सिर पर तेज धार हथियार से जबरदस्त वार किया। बताया जा रहा है कि उनके सिर पर कई बार हमला किया गया। इसके चलते वो बुरी तरह से जख्मी हो गए। अचानक हुए इस कांड से टीम भी हक्की-बक्की रह गई। उन्हें फौरन सदर अस्पताल लाया गया। लेकिन डॉक्टरों ने हालत काबू से बाहर जाते देख उन्हें जल्द पटना ले जाने को कहा। इसके बाद पटना में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

दोषियों को बख्शेंगे नहीं- पुलिस

इस हत्याकांड के बाद पुलिस फोर्स ने भारी तादाद में मोर्चा संभाला। फोर्स ने इसके बाद नंदलालपुरा गांव को छावनी में तब्दील कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। अफसरों का कहना है कि जिन लोगों ने भी एक पुलिसवाले की हत्या की है, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा और वो कहीं भी छिपे हों, उन्हें वहां से ढूंढ निकाल कर सजा दिलाई जाएगी। अभी कुछ दिन पहले ही अररिया में भी एक दारोगा राजीव रंजन की भी अपराधी को छुड़ाने के दौरान हत्या कर दी गई थी।

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