पटना
राज्य के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कांग्रेस की बिहार में जारी पलायन रोको, नौकरी दो पदयात्रा पर तंज कसा है। सोमवार को जारी बयान में मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 2005 के बाद राज्य में बेरोजगारी और पलायन पर जबरदस्त लगाम लगी है। कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि वर्ष 1990 से 2005 तक बिहार के पतन का दौर था। यह वह दौर था, जब बिहार में राजनीतिक पतन, जातिवाद, हिंसा, नरसंहार चरम पर था।

मंत्री ने कहा कि 90 के दशक के नरसंहारों को बिहार के युवाओं ने देखा है। उस वक्त दिन के उजाले में गांवों के दरवाजे बंद होते थे। औरतों की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं था। हालत इतनी बुरी हो चुकी थी कि लोग अपना घर छोड़कर पलायन कर रहे थे। उदारीकरण के बाद देश के कई राज्यों ने अपनी तकदीर बदली, लेकिन बिहार न बदल सका। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हालात बदले हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद भी चारा घोटाले के अलग-अलग मामलों में जेल गए। 2005 में जब लालू रेल मंत्री थे, तब भी उन पर रेलवे टेंडर में घोटाले के आरोप लगे। हाल ही में सीबीआई ने उन पर रेलवे भर्ती में घोटाले में भी केस दर्ज किया है। कांग्रेस ने हमेशा राजद का खुलकर समर्थन किया और आज भी कर रही है। ऐसे में कांग्रेस की तरफ से बेरोजगारी व पलायन पर निकाली गयी पदयात्रा जनता के लिए एक मजाक से कम नहीं है।










