OBC, दलित और आदिवासियों का इतिहास मिटाया गया : राहुल गांधी

नई दिल्ली

कांग्रेस नेता और संसद में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना को देश में असमानताओं को दूर करने का एक महत्वपूर्ण कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह जनगणना भारत की शिक्षा, स्वास्थ्य, राजनीति और नौकरशाही में प्रभावी नियंत्रण की सच्चाई को उजागर करेगी।

राहुल गांधी ने भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR) और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के पूर्व अध्यक्ष सुखदेव थोराट के साथ जातिगत जनगणना की आवश्यकता पर चर्चा की।

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इस दौरान उन्होंने सवाल उठाया कि “लोग जातिगत जनगणना के खिलाफ क्यों हैं? उन्हें इसमें क्या आपत्ति है?” राहुल गांधी ने इसका एक वीडियो अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर डाला है।

जातिगत जनगणना से सामने आएगी सच्चाई

राहुल गांधी ने कहा कि भारत के शिक्षा, स्वास्थ्य, राजनीतिक और नौकरशाही तंत्र पर एक विशेष वर्ग का कब्जा है। जातिगत जनगणना से यह स्पष्ट होगा कि कौन किस संस्था को नियंत्रित कर रहा है और किसे क्या अधिकार मिल रहे हैं। उन्होंने इसे एक राष्ट्रवादी प्रयास करार दिया और कहा कि “अगर कोई जातिगत जनगणना का समर्थन नहीं करता, तो वह सच्चाई को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है। यह राष्ट्र विरोधी मानसिकता दर्शाता है।”

OBC, दलित और आदिवासियों का इतिहास मिटाया गया

राहुल गांधी ने कहा कि OBC, दलित और आदिवासियों के इतिहास को योजनाबद्ध तरीके से मिटाया गया है। उन्होंने कहा कि “हमारे स्कूलों में इस वर्ग के योगदान की चर्चा नहीं होती। दिल्ली के स्कूलों में पढ़ने वाले उच्च जाति के बच्चे इस इतिहास से अनजान हैं, इसलिए वे भेदभाव को नहीं देख पाते।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि RSS और BJP इन समुदायों के इतिहास को मिटाने का प्रयास कर रही हैं।

‘मेरिट’ की अवधारणा पूरी तरह दोषपूर्ण

राहुल गांधी ने ‘मेरिट’ (योग्यता) की अवधारणा को गलत बताया। उन्होंने कहा कि “भारत में सामाजिक स्थिति और योग्यता को एक ही मान लिया जाता है। हमारी शिक्षा प्रणाली और नौकरशाही की प्रवेश प्रणाली दलितों, OBCs और आदिवासियों के लिए निष्पक्ष नहीं है।”

BJP पर लगाया प्रतिनिधित्व के नाम पर “धोखा” देने का आरोप

राहुल गांधी ने BJP पर OBCs और दलितों को दिखावटी प्रतिनिधित्व देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि BJP इन समुदायों को MLA और MP बनने का अवसर देती है, लेकिन वास्तविक शक्ति नौकरशाही, कॉरपोरेट इंडिया और खुफिया एजेंसियों में केंद्रित रहती है।

सच्चाई को उजागर करने से क्यों डरते हैं लोग?

राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना के विरोध पर सवाल उठाते हुए कहा कि “हम सिर्फ सच्चाई को उजागर कर रहे हैं, फिर लोग इसके खिलाफ क्यों हैं? वे सीधे कहते हैं कि इस सच्चाई को सामने नहीं लाना चाहिए।” राहुल गांधी ने जातिगत जनगणना को और व्यापक, गहन और वैज्ञानिक बनाने की जरूरत पर बल दिया।

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