अमावस्या तिथि पर देवों के देव महादेव की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है।

आध्यात्मिक गुरु पं कमला पति त्रिपाठी “प्रमोद”

सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है। इस शुभ तिथि पर गंगा स्नान कर पूजा, जप-तप एवं दान-पुण्य किया जाता है। धार्मिक मत है कि अमावस्या तिथि पर देवों के देव महादेव की पूजा करने से साधक की हर मनोकामना पूरी होती है। साथ ही जीवन में सुखों का आगमन होता है।
ज्योतिषियों की मानें तो इस वर्ष मौनी अमावस्या 29.01.2025 बुधवार पर कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। इन योग में गंगा स्नान कर भगवान शिव की पूजा करने से जन्म-जन्मांतर में किए गए समस्त पाप धुल जाते हैं। साथ ही महादेव की कृपा से सभी बिगड़े काम बन जाते हैं। मौनी अमावस्या पर दान करने का विशेष विधान है। अगर आप भी मनोवांछित फल पाना चाहते हैं, तो मौनी अमावस्या के दिन इन 3 चीजों का दान

शुभ मुहूर्त एवं योग
करें इन चीजों का दान
अगर आप देवों के देव महादेव की कृपा पाना चाहते हैं, तो मौनी अमावस्या के दिन स्नान-ध्यान के बाद भक्ति भाव से भगवान शिव की पूजा करें। इस समय गंगाजल में काले तिल मिलाकर भगवान शिव का अभिषेक करें। वहीं, पूजा के बाद काले तिल का दान करें। तिल का दान करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है। इस शुभ अवसर पर बहती जलधारा में काले तिल प्रवाहित करें। इस उपाय को करने से पितृ दोष से मुक्ति मिलती है। साथ ही कुंडली में व्याप्त अशुभ ग्रहों का प्रभाव समाप्त हो जाता है।
अगर आप कुंडली में शुभ ग्रहों को मजबूत करना चाहते हैं, तो मौनी अमावस्या के दिन गेहूं, चावल, सरसों, बाजरा, मक्का, ज्वार, दाल आदि चीजों का दान करें। अन्न का दान करने से कुंडली में शुभ ग्रह मजबूत होता है। चावल का दान करने से कुंडली में चंद्रमा और शुक्र मजबूत होता है। दाल और मक्का का दान करने से गुरु मजबूत होता है। वहीं, गेहूं का दान करने से मंगल ग्रह मजबूत होता है। साथ ही मंगल दोष से छुटकारा मिलता है।
अगर आप जीवन में व्याप्त दुखों से निजात पाना चाहते हैं, तो मौनी अमावस्या के दिन वस्त्र का दान करें। आप चाहे तो कंबल का भी दान कर सकते हैं। इसके अलावा, पहनने के लिए कपड़े, जूते और चप्पल का दान कर सकते हैं। साथ ही धन का भी दान कर सकते हैं। इन चीजों का करने से जगत के पालनहार भगवान विष्णु के प्रसन्नता के लिए पूजन, अर्चना,विष्णु सहस्र पाठ, हवन करने से भगवान विष्णु की कृपा बरसती है और समस्त अभीष्ट पूर्ण होते हैं।


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