नवादा
नवादा के वृहद आश्रय गृह में सोमवार को महिला सुपरिटेंडेंट प्रियंका कुमारी (35) ने सुसाइड कर लिया। प्रियंका ने अपने सरकारी आवास में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या की है। ये आश्रय गृह बुधौली गांव में है।
बताया जा रहा है कि सुसाइड के वक्त प्रियंका अपने पति के साथ वॉट्सऐप वीडियो कॉल पर थीं। पति ने ही पुलिस को पत्नी के सुसाइड करने की जानकारी दी।

प्रियंका कुमारी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर की रहने वाली हैं। फरवरी 2024 से वो नवादा के वृहद आश्रय गृह में सुपरिंटेंडेंट के पद पर काम कर रही थीं। प्रियंका अपने सरकारी आवास में अकेली ही रहती थीं, जबकि उनके पति गणेश कुमार गोरखपुर में रहते हैं।
बॉडी के पास से मिला सुसाइड नोट
DSP हुलास कुमार ने बताया- ‘बॉडी के पास से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। उसमें आत्महत्या के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया गया है। आत्महत्या से पहले प्रियंका ने अपने पति को फोन कर के सूचना दी थी कि वो सुसाइड करने जा रही है। इसके बाद पति ने नगर थाना प्रभारी को सूचना दी।’
फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर बारीकी से जांच की। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया है। मृतका महिला का ससुराल सीवान जिले में है। अभी तक उनका कोई परिजन मौके पर नहीं पहुंचा है। पुलिस आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है।

मृतका के पति गौरव कुमार ने कहा कि उनकी पत्नी शेल्टर होम में कार्यरत थीं। गौरव के अनुसार, वह पिछले कुछ समय से काफी परेशान थीं। डेढ़ साल पहले हुई उनकी शादी के बावजूद, दंपती को बच्चे नहीं थे, जो शायद उनकी पत्नी के तनाव का एक कारण रहा हो।
गौरव ने यह भी बताया कि दोनों के बीच मिलने को लेकर असमर्थता और आपसी विवाद था, जिसने स्थिति को और जटिल बना दिया। वो एक साथ रहना चाहती थी। कहती थी कि हम सीवान आ जाते है। नहीं मिल पा रहे थे, इस कारण झगड़ा हो रहा था। होली पर भी छुट्टी रद्द हो गया था।

उन्होंने यह भी जिक्र किया कि उनकी पत्नी “स्पष्टीकरण” से परेशान थीं। बिना आदेश के छुट्टी लिया तो स्पष्टीकरण आया था। इसका जवाब दी कि उसको जानकारी नहीं है। वो वीडियो कॉल पर थी। हम बहुत बोले कि ऐसा मत करो। पंखा हिल रहा था। मैंने पुलिस को सूचना भी दी। कोई तुरंत पहुंच जाता तो ऐसा नहीं होता। महिला सिपाही मैडम कह रही थी कि कैसे गेट खुलेगा। हमने कहा कि हम सब देख लेंगे। आप जाईएं। कॉल करते करते ही 45 मिनट का समय लग गया। मेरी पत्नी अब नहीं रही।












