मोतिहारी के DEO संजीव ने मर चुके शिक्षक के आत्मा से स्पष्टीकरण मांगा

मोतिहारी

बिहार में एक जिला का शिक्षा महकमा ऐसा है जहां सब कुछ सम्भव है. किसी इंसान ने भले ही आत्मा को नहीं देखा हो, भले ही आत्मा का पता विज्ञान को भी मालूम नहीं हो, पर मोतिहारी के जिला शिक्षा कार्यालय ना सिर्फ आत्मा को प्रशिक्षण के लिए बुलाती है बल्कि उससे स्पष्टीकरण भी मांगती है. जिला शिक्षा पदाधिकारी संजीव कुमार की तरफ से आत्मा से स्पष्टीकरण मांगे जाने के बाद समस्या यह भी है कि आत्मा तक स्पष्टीकरण वाला पत्र कैसे पहुंचाया जाय? मोतीहारी का शिक्षा विभाग हमेशा से अपने अजीबोगरीब कारनामों के लिए सुर्खियों में रहा है. 

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दरअसल, डीईओ ने एक वर्ष पहले मृत हो चुकी एक शिक्षिका से स्कूल में अनुपस्थित रहने और ई-शिक्षा पोर्टल पर उपस्थिति दर्ज नहीं कराने के लिए स्पष्टीकरण की मांग किया है. डीईओ ने मृत शिक्षिका को 24 घंटे में स्पष्टीकरण का जवाब नहीं देने पर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की बात भी कही है. एक वर्ष पूर्व मृत शिक्षिका से स्पष्टीकरण की मांग शिक्षा विभाग में चर्चा का विषय बन गया है. सवाल यह है कि उस शिक्षिका का स्पष्टीकरण पत्र यमलोक कैसे पहुंचेगा या मृत लोक से शिक्षिका आकर अपनी अनुपस्थिति का जवाब देंगी? 

मामला अरेराज प्रखंड के यूएमएस गोबिंदगंज गर्ल्स स्कूल का बताया जा रहा है. मोतीहारी डीईओ के स्पष्टीकरण में क्रमांक 52 पर शिक्षिका उर्मिला कुमारी का नाम है, जिनकी एक वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है. इससे पहले एक दिवंगत शिक्षिका के आत्मा को प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया था. मोतिहारी के डायट भवन में जहां 250 शिक्षकों के लिए एफएलएन और आईसीटी प्रशिक्षण का आयोजन किया गया था. 

जारी की गई सूची में क्रमांक 22 पर उत्क्रमित मध्य विद्यालय भगवानपुर कोटवा, घोड़ासहन में कार्यरत रही शिक्षिका रानी कुमारी का नाम दर्ज था. हालांकि, समस्या यह है कि रानी कुमारी का पिछले वर्ष कैंसर के कारण निधन हो चुका है. इस प्रकार शिक्षा विभाग के अनुसार, दिवंगत शिक्षिका की आत्मा को डायट भवन में आकर पांच दिवसीय प्रशिक्षण लेने को बोला था. डीईओ ने ई-शिक्षा कोष ऐप पर उपस्थिति दर्ज नहीं करने वाले अनुपस्थित शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगा है. 

इस स्पष्टीकरण सूची में क्रमांक 52 पर यूएमएस गोबिंदगंज गर्ल्स अरेराज की शिक्षिका उर्मिला कुमारी का नाम है, जिनकी लगभग एक वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है. डीईओ के इस स्पष्टीकरण के बाद शिक्षा विभाग और आम लोगों में यह चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर जिला शिक्षा कार्यालय के पास एक वर्ष पहले मृत शिक्षिका की सूची क्यों नहीं है. स्पष्टीकरण पत्र सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. आम लोग सोशल मीडिया पर शिक्षा विभाग के इस अजीबोगरीब कारनामे को लेकर टिप्पणी कर रहे हैं. 

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