पेपर लीक में शामिल संजीव मुखिया की गिरफ्तारी पर 3 लाख रुपये

पटना

NEET और BPSC पेपर लीक के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया को पकड़ने के लिए अब बिहार पुलिस ने इनाम की घोषणा की है. पेपर लीक में शामिल संजीव मुखिया की गिरफ्तारी पर 3 लाख रुपये, जबकि शुभम कुमार और राजकिशोर कुमार की गिरफ्तारी पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है. मुखिया का गिरोह बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान समेत कई राज्यों में सक्रिय है.

बिहार में NEET और BPSC पेपर लीक के मास्टरमाइंड की तलाश बिहार पुलिस ने तेज कर दी है. यह वजह है कि तीन प्रमुख आरोपियों को पकड़ने के लिए नकद इनाम की घोषणा की गई है. बिहार पुलिस मुख्यालय की ओर से गुरुवार को जारी अधिसूचना के अनुसार, आर्थिक अपराधों और अन्य मामलों में वांछित प्रमुख अपराधियों की गिरफ्तारी में मदद करने वालों को कुल पांच लाख रुपये तक का इनाम दिया जाएगा.

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तीन अपराधियों पर नकद इनाम घोषित

जिन तीन अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए नकद इनाम की घोषणा की गई है, उनमें संजीव कुमार सिंह उर्फ संजीव मुखिया, शुभम कुमार और राजकिशोर कुमार शामिल हैं.

संजीव मुखिया की गिरफ्तारी पर 3 लाख रुपये, जबकि शुभम कुमार और राजकिशोर कुमार की गिरफ्तारी पर 1-1 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है.

संजीव मुखिया, जो कि पहले नालंदा जिले के एक सरकारी कॉलेज में तकनीकी सहायक के पद पर कार्यरत था वो NEET (UG) 2024 पेपर लीक का मुख्य आरोपी है. इसके अलावा वह बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-3) पेपर लीक मामले में भी वांछित है. ये परीक्षा मार्च 2024 में आयोजित हुई थी.

बिहार के अलावा दूसरे राज्य से भी जुड़े तार

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NEET पेपर लीक मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा की जा रही है. जांच में यह खुलासा हुआ है कि मुखिया का गिरोह बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान समेत कई राज्यों में सक्रिय है.

मुखिया और उसके गिरोह पर इससे पहले हरियाणा में पशु चिकित्सक और अंग्रेजी शिक्षक भर्ती परीक्षा, उत्तर प्रदेश में आयोजित कई सरकारी परीक्षाओं के पेपर लीक का भी आरोप है. शुभम कुमार और राजकिशोर कुमार दो-दो मामलों में वांछित हैं और उनके खिलाफ भी आर्थिक अपराध शाखा (EOU) और थाने में केस दर्ज हैं.

पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को इन तीनों वांछित अपराधियों के बारे में कोई जानकारी हो, तो वह तत्काल संबंधित पुलिस विभाग को सूचित करें. जानकारी देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा और उन्हें घोषित इनाम राशि प्रदान की जाएगी.

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