बिहार का CM बनना चाहते है चिराग पासवान

पटना

केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने के संकेत देते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि वह केंद्र की राजनीति में ज्यादा समय तक नहीं रहना चाहते, क्योंकि ‘मेरा प्रदेश मुझे बुला रहा है।’ इस बयान से बिहार की राजनीति में नई हलचल शुरू हो गई है, खासकर तब जब राज्य विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। लोजपा रामविलास प्रमुख के बयान के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या चिराग बिहार लौटेंगे?

चिराग पासवान ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी प्राथमिकता बिहार है। उन्होंने अपने पिता रामविलास पासवान का जिक्र करते हुए कहा कि वे केंद्र की राजनीति में सक्रिय थे, लेकिन वे खुद बिहार में काम करना चाहते हैं। इससे यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या वह आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में उतरेंगे?

‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ के जरिए युवा शक्ति को जोड़ने की कोशिश

चिराग लंबे समय से ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ के एजेंडे पर काम कर रहे हैं। युवाओं से संवाद, शिक्षकों से मुलाकात और विकास पर फोकस उनकी राजनीतिक रणनीति का हिस्सा रहा है। उनकी सभाओं में युवाओं की भीड़ यह संकेत देती है कि उनकी लोकप्रियता इस वर्ग में तेजी से बढ़ रही है। चिराग पासवान इन दिनों बिहार के विभिन्न जिलों का दौरा कर रहे हैं। लोजपा (रामविलास) के कार्यकर्ता लगातार उनकी बिहार में सक्रिय भूमिका की मांग कर रहे हैं। यह सक्रियता आगामी विधानसभा चुनाव में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की ओर इशारा करती है।

NDA में बन सकती है नई रणनीति, नीतीश के नेतृत्व को लेकर चर्चा

एनडीए पहले ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव लड़ने की घोषणा कर चुका है। वहीं, जदयू ‘2025 से 2030, एक बार फिर नीतीश’ के नारे के साथ आगे बढ़ रही है। ऐसे में चिराग के बयान ने एनडीए के भीतर संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चाओं को जन्म दे दिया है।

युवाओं को लुभा रहे चिराग

चिराग पासवान की छवि एक ऊर्जावान युवा नेता की है, जो बदलाव और विकास की बात करते हैं। उनके ‘बिहार फर्स्ट’ अभियान ने युवाओं को प्रभावित किया है और यह देखा जा रहा है कि वे बिहार के भविष्य को लेकर गंभीर नजर आ रहे हैं।

अब सवाल यह है कि क्या चिराग पासवान बिहार में चुनाव लड़ेंगे? क्या वह एनडीए के साथ बने रहेंगे या अलग राह चुनेंगे? इन सवालों का जवाब आने वाला वक्त देगा, लेकिन इतना तय है कि उनका यह बयान राज्य की राजनीति में एक नया मोड़ ला सकता है।

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