बेतिया
बिहार के बेतिया पुलिस लाइन में सिपाही परमजीत ने साथी जवान सोनू कुमार पर इंसास राइफल से 11 गोलियां दागीं। घटना में मौके पर ही सोनू की मौत हो गई। आरोपी सिपाही को हिरासत में लिया गया है और पूछताछ जारी है।
जिले की पुलिस लाइन में एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे पुलिस महकमे को हिलाकर रख दिया, जब एक सिपाही परमजीत ने अपने ही साथी जवान सोनू कुमार पर ताबड़तोड़ 11 गोलियां बरसा दीं। इंसास राइफल से की गई इस फायरिंग में सोनू की मौके पर ही मौत हो गई।
घटना के बाद पुलिस लाइन में हड़कंप मच गया। चश्मदीदों के अनुसार, जैसे ही गोलियों की आवाज गूंजी, पूरा परिसर दहल उठा और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आरोपी सिपाही परमजीत घटना को अंजाम देने के बाद राइफल लेकर छत पर चढ़ गया, जहां से उसे काबू करने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आखिरकार उसे गिरफ्तार कर मुफस्सिल थाना लाया गया, जहां एसडीपीओ विवेक दीप उससे पूछताछ कर रहे हैं।
डीआईजी पहुंचे मौके पर, जांच शुरू
घटना की गंभीरता को देखते हुए चंपारण रेंज के डीआईजी हरकिशोर राय मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में बताया कि, “प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दोनों सिपाहियों के बीच किसी पुराने विवाद को लेकर तनाव था, जो इस खूनी टकराव का कारण बना।”बताया जा रहा है कि दोनों सिपाही हाल ही में सिकटा थाने से स्थानांतरित होकर बेतिया पुलिस लाइन आए थे और एक ही यूनिट में तैनात थे। सोनू कुमार का शव फिलहाल पुलिस बैरक में ही पड़ा है और फॉरेंसिक टीम द्वारा जांच की जा रही है।
वारदात के पीछे क्या था विवाद?
फिलहाल इस दुखद घटना के पीछे का मूल कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन शुरुआती पूछताछ से यह बात सामने आ रही है कि सोनू और परमजीत के बीच किसी बात को लेकर आपसी झगड़ा चल रहा था। पुलिस मामले की सभी कोणों से जांच कर रही है।














