कन्हैया कुमार बोले- बिहार में प्रधानाचार्यों की नियुक्ति लॉटरी के माध्यम से हो रही; गोलीबारी की घटनाएं आम हुईं
नई दिल्ली, 15 जुलाई
कांग्रेस ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था को लेकर जदयू-भाजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि बिहार में ‘अंधेर नगरी चौपट राजा’ वाली स्थिति है। उन्होंने कहा कि जहां एक तरफ प्रधानाचार्यों की नियुक्ति लॉटरी के माध्यम हो रही है, वहीं दूसरी ओर अपराधियों का मनोबल इतना बढ़ गया है कि आए दिन गोलीबारी की घटनाएं सामने आ रही हैं।
इंदिरा भवन स्थित कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकार वार्ता करते हुए कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य और एनएसयूआई प्रभारी कन्हैया कुमार ने बिहार में लॉटरी के माध्यम से कॉलेज प्रिंसिपलों की नियुक्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह शिक्षा व्यवस्था का मजाक है। उन्होंने कहा कि जब महिला कॉलेजों में भी पुरुषों को प्रिंसिपल नियुक्त किया जा रहा है, तो यह साफ दर्शाता है कि सरकार मनमाने ढंग से काम कर रही है।
कन्हैया कुमार ने कहा कि बिहार के विश्वविद्यालय भ्रष्टाचार और उगाही का अड्डा बन गए हैं। छात्रों से डिग्री के नाम पर पैसा वसूला जा रहा है। जहां पूरे देश में ग्रेजुएशन तीन साल में होता है, वहीं बिहार में पांच साल लग रहे हैं। चार कमरों वाले कॉलेजों में 30-40 हजार छात्र नामांकित हैं, जो दिखाता है कि पैसा देकर डिग्री ली जा रही है। कॉलेजों में न हॉस्टल हैं, न लाइब्रेरी, न ही प्रयोगशालाएं। नियमित कक्षाएं भी नहीं चलतीं। उन्होंने दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां की छत गिर रही है, मरीजों को चूहे काट रहे हैं और भवन में पानी जमा रहता है।
कांग्रेस नेता ने बिहार में लगातार हो रही गोलीबारी की घटनाओं को लेकर भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को घेरा। उन्होंने कहा कि सुशासन के तमाम दावों के बावजूद बिहार में कोई ऐसा दिन नहीं बीतता जब गोलियां न चलें। उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम कहते हैं कि संगठित अपराध खत्म हो गया है, जबकि असलियत यह है कि पूरा अपराधी गिरोह संगठित होकर खुद सरकार में बैठ गया है।
कन्हैया कुमार ने कहा कि बिहार में जो अपराध की स्थिति है, उससे पता चलता है कि राज्य में पुलिस का इकबाल खत्म हो गया है और डबल इंजन एक-दूसरे की उल्टी दिशा में चल रहे हैं। इस सरकार का पूरा फोकस बिहार के लोगों को लूटना है, जो कि बेहद चिंताजनक है।








