शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर दिन सोमवार से शुरू  : आध्यात्मिक गुरु पंडित कमला पति त्रिपाठी

आध्यात्मिक गुरु पंडित कमला पति त्रिपाठी

मां दुर्गे के सबसे पवित्र दिन शारदीय नवरात्रि 22 सितंबर दिन सोमवार से शुरू होने वाले हैं. इस नवरात्रि के प्रथम दिन मां दुर्गा का आगमन गज पर यानी हाथी पर हो रहा है, जबकि मां दुर्गा का प्रस्थान मनुष्य की सवारी यानी पालकी पर होगा. इन दिनों में मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है और व्रत रखा जाता है. मान्यता है कि, इन 9 दिनों कुछ नियम होते हैं, जिन्हें हर जातक को मानना जरूरी है. इन नियमों को मानने वाले जातकों से मां दुर्गे क्रोधित होती हैं, जिससे उन्हें पूजा का लाभ नहीं मिल पाता है. इसलिए जरूरी है कि नवरात्र में कुछ काम करने से बचना चाहिए. अब सवाल है कि आखिर नवरात्र में क्या करना चाहिए और क्या नहीं? आइए जानते हैं इस बारे में-

नवरात्र में मां की ऐसे करें पूजा

नवरात्र के हर दिन अलग-अलग रूपों का पूजन किया जाता है. नवरात्र के पहले दिन मां शैलपुत्री की आराधना होती है. नवरात्रि के न सिर्फ पहले दिन बल्कि पूरे 9 दिनों में मां भगवती के सामने दीपक जलाकर, धूप-दीप और नैवेद्य अर्पित करें. रोज सुबह और शाम मां की आरती और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें.

नवरात्रों में कौन सी गलतियां करने से से बचें

ब्रह्मचर्य का पालन करें: मां के पावन पवित्र दिन नवरात्रों के 9 दिन पुरुष और महिलाओं दोनों को ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए. ऐसा करने से मां का घर में आगमन रहता है. इससे जातक को किसी भी प्रकार की समस्या नहीं होती है.

घर को खाली ना छोड़ें: नवरात्रों के 9 दिन अपने घर को खाली नहीं छोड़ना चाहिए. इसलिए किसी न किसी सदस्य को घर में जरूर रहना चाहिए. ऐसा करने से जातक को पूजा का पूरा लाभ मिलता है.

नींबू काटने से बचें: नवरात्रों के 9 दिन नींबू खाने से बचें. बता दें कि, नींबू काटना बलि देने के समान माना जाता है. इसलिए, हर जातक को इन दिनों नींबू के सेवन से बचना चाहिए.

इन चीजों को खाने से बचें: मां के पवित्र दिन नवरात्रों में लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा का सेवन करने से बचना चाहिए. जो जातक ऐसा करता है उससे माता रानी क्रोधित हो जाती हैं.

नाखून काटने से बचें: नवरात्र के दिनों में नाखून काटना अशुभ माना जाता है. इसलिए नाखून को नवरात्र से पहले ही काट लेना चाहिए. इसके अलावा, काले रंग के कपड़े भी पहनने से बचें.

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