संतोष राज पाण्डेय,पटना
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों, छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि शारदीय नवरात्र शक्ति, साधना और संकल्प का पर्व है। यह पर्व हमें बुराई पर अच्छाई की जीत और अंधकार पर प्रकाश की विजय का संदेश देता है।

मंत्री ने अपने शुभकामना संदेश में कहा कि मां दुर्गा के नौ स्वरूप हमें जीवन में धैर्य, साहस, ज्ञान और करुणा का पाठ पढ़ाते हैं। जिस प्रकार मां दुर्गा ने असत्य और अधर्म का नाश किया, उसी प्रकार हमें भी समाज से अशिक्षा, अज्ञानता और पिछड़ेपन को दूर करने का संकल्प लेना चाहिए। शिक्षा ही वह शक्ति है जो व्यक्ति को सशक्त बनाती है और समाज को नई दिशा देती है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बड़े फैसले ले रही है। राज्य में 1520 नए प्राथमिक विद्यालयों का निर्माण, सभी माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य करना और हर स्कूल को स्मार्ट क्लास से लैस करने का लक्ष्य इसी दिशा में उठाया गया कदम है। सरकार का संकल्प है कि बिहार का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
मिथिलेश तिवारी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश नई शिक्षा नीति के माध्यम से आगे बढ़ रहा है और बिहार उसमें अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सेवा चित्र एवं भाषण प्रतियोगिता जैसी गतिविधियों में बिहार का पूरे देश में अव्वल रहना यह दर्शाता है कि हमारे बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, बस उन्हें सही मंच और अवसर देने की जरूरत है।
शिक्षा मंत्री ने विशेष रूप से छात्राओं को संदेश देते हुए कहा कि मां दुर्गा नारी शक्ति का प्रतीक हैं। आज बिहार की बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। सरकार बेटियों की शिक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और उन्हें हर जरूरी सुविधा उपलब्ध करा रही है। नवरात्र का यह पर्व बेटियों के सम्मान और उनके सशक्तिकरण के संकल्प को और मजबूत करने का अवसर है।
उन्होंने कहा कि नवरात्र के दौरान पूरे प्रदेश में उत्साह और भक्ति का माहौल रहता है। विद्यालयों में भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से बच्चों को हमारी परंपरा और संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को भारतीय संस्कृति के मूल्यों के साथ आधुनिक शिक्षा से भी जोड़ें, ताकि वे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार हो सकें।
अंत में शिक्षा मंत्री ने कामना की कि मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के आशीर्वाद से बिहार में सुख, समृद्धि और ज्ञान का वास हो। मां दुर्गा के आशीर्वाद से बिहार शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान बनाए और देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो। उन्होंने सभी नागरिकों के सुखी, स्वस्थ और मंगलमय जीवन की कामना की।






