मध्यप्रदेश सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा पर भी कैबिनेट ने नीति को मंजूरी दी

MP Cabinet Decision : भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट से पहले कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को हरी झंडी दिखाई गई।

कैबिनेट बैठक के महत्वपूर्ण बिंदु :

एमएसएमई नीति को मंजूरी। मध्य प्रदेश सरकार ने इस ओर ध्यान दिया है। 2047 को ध्यान में रखते हुए एमएसएमई का ईकोसिस्टम बनाया गया है। पिछड़े क्षेत्रों में विशेष सुविधाओं को उपलब्ध कराया जाएगा।

नवीकरणीय ऊर्जा पर भी कैबिनेट ने नीति को मंजूरी दी है। 10 करोड़ का इन्वेस्टमेंट करने वाले एससी/एसटी/महिला वर्ग को अनुदान दिया जाएगा। 10 करोड़ निवेश से रोजगार मूलक उद्योग लगाने पर भी अनुदान मिलेगा।

इंटीग्रेटेड टाउनशिप नीति को मंजुरी। इसके तहत केवल बिल्डर ही नहीं बल्कि किसान और आम लोग भी कॉलोनाइजर बन सकते हैं। इसका मुख्य उद्द्देश्य पारदर्शी और नियोजित विकास है। महाराष्ट्र और गुजरात में भी इसी तरह की व्यवस्था है। रियाल एस्टेट रोजगार पैदा करता है। यदि कोई किफायती आवास बनाएगा तो सरकार उसे सब्सिडी देगी। पमिशन के लिए बहुत जटिलता नहीं है। जिले के आधार पर समिति बनेगी जो मंजूरी देगी। बड़ा प्रोजेक्ट होने पर प्रदेश स्तर पर समिति बनेगी। 60 दिन के अंदर परमिशन देने की कोशिश की जाएगी।

मध्य प्रदेश ईवी नीति को भी मंजूरी। इसके तहत चार्जिंग स्टेशन को सब्सिडी दी जाएगी। कुछ सालों में मध्य प्रदेश के 80 प्रतिशत सरकारी वाहन को इलेक्ट्रिक किए जाने की कोशिश की जाएगी। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन को मॉडर्न इलेक्ट्रिक सिटी बनाएंगे। दो पहिया ईवी वाहन के रजिस्ट्रेशन के लिए 40 प्रतिशत छूट दी जाएगी। मध्य प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन खरीद पर प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। महिला और विकलांग द्वारा यदि सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाते हैं तो उन्हें वित्तीय सहायता मिलेगी। 

विमानन नीति को भी मंजूरी। इसका उद्देश्य पर्यटन को बढ़ावा देना है। मध्य प्रदेश में 150 किलोमीटर पर एक एयरपोर्ट स्थापित करने की कोशिश की जाएगी। इससे सरल आवागमन होगा। हर 45 किलोमीटर पर हेलीपैड बनाने की कोशिश की जाएगी। सभी धार्मिक और पर्यटन इससे जुड़ पाएंगे। इससे रोजगार भी बढ़ेगा। 

प्रदेश के बाहर बिजली बेची जाती थी तो उस पर हरित ऊर्जा टैक्स लगता था। कैबिनेट बैठक में इस हरित टैक्स को ख़त्म कर दिया गया। विद्युत् परियोजना को बायोफिल योजना से जोड़ा जाएगा। ग्रीन हाइड्रोजन के लिए मध्य प्रदेश सरकार प्रोत्साहन देगी। 

लेक व्यू होटल को पीपीपी मॉडल से विकसित किया जाएगा। इसमें कुछ शर्तें रखीं गई हैं। 100 सीटर रूम, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जाएगा। इससे शहर का भी अपग्रेडेशन होगा। 

निर्यात इकाई को लगभग 1.3 गुना अनुदान मिलेगा। क्योंकि मध्य प्रदेश लैंडलॉक प्रदेश है इसलिए मध्य प्रदेश सरकार 5 साल तक 40 प्रतिशत भाड़ा देगी।

रीयूज की यूनिट डालने पर 40 प्रतिशत सहायता सरकार करेगी।

चिकित्सा उपकरण बनाने और फार्मासूटिकल लैब बनाने पर भी अनुदान मिलेगा।

फ़ूड प्रोसेसिंग के लिए 1.5 प्रतिशत अनुदान।

बिजली की टैरिफ में 1 रुपए प्रति यूनिट पांच वर्ष के लिए दी जाएगी।

26 फरवरी को “महाशिवरात्रि” पर्व व्यापक स्तर पर मनेगा। पुण्य अवसर पर मंदिरों की साज-सज्जा सहित विभिन्न आयोजन होंगे।

30 मार्च को “गुड़ी पड़वा” पर बड़े स्तर पर कार्यक्रमों की रुपरेखा बन रही है।

महाशिवरात्रि से “विक्रमोत्सव” प्रारंभ होगा इस वर्ष भी “जल गंगा संवर्धन” अभियान शुरु होगा, जो “वाटर शेड” कार्यक्रम के साथ दीर्घ अवधि तक चलेगा।

“ताप्ती मेगा रिचार्ज” अनूठी परियोजना होगी, जो पृथ्वी के गर्भ में जल भंडारण का कार्य भी करेगी उत्तराखंड में संपन्न राष्ट्रीय खेलों में मध्यप्रदेश द्वारा 34 स्वर्ण समेत कुल 82 पदक जीतने की उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई।

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