कुम्भ में महिलाओं के स्नान करने व कपड़े बदलने का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल

प्रयाग राज

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ लगा है। 144 साल बाद बने दुर्लभ योग के कारण महाकुंभ का महत्व काफी बढ़ गया है। करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज पहुंच रहे हैं। पूरे आयोजन का ‘आस्था का महापर्व’ कहा जा रहा है। देश-विदेश से लोग आ रहे हैं। लेकिन सोशल मीडिया के दीवाने कुछ लोग आयोजन की गरिमा को भंग कर रहे हैं।

महाकुंभ में महिलाएं स्नान करने की योजनाएं बना रही हैं तो जरा संभल जाएं। दरअसल घाटों पर महिलाओं के स्नान करने व कपड़े बदलने का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। इसे गंभीरता से लेते हुए कुंभ थाना कोतवाली ने 2 सोशल मीडिया एकाउंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। साथ ही मेटा से एकाउंट का विवरण मांगा है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की पहचान जल्द कर लिया जाएगा। इसे लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी भाजपा सरकार पर निशाना साधा है।

पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर सोशल मीडिया पर महाकुंभ से संबंधित फेक, आपत्तिजनक पोस्ट और अफवाह फैलाने वालों को लगातार चिह्नित करने के साथ कार्रवाई की जा रही है। कुंभ पुलिस की सोशल मीडिया की निगरानी के दौरान दो ऐसे शोल मीडिया एकाउंट का पता चला है। जिसमें महिला श्रद्धालुओं के स्नान करने और कपड़े बदलने का वीडियो अपलोड किया गया है। इससे महिलाओं की निजता व गरिमा का उल्लंघन किया गया। कुंभ पुलिस के अनुसार इंस्टाग्राम अकाउंट @neha1224872024 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर पहचान करने के लिए मेटा कंपनी से जानकारी मांगी है।

दूसरी ओर टेलीग्राम चैनल cctv CHANNEL 11 के के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है। इस टेलीग्राम चैनल द्वारा महिलाओं के स्नान करते समय के वीडियो को 1999 रुपये की मेंबरशिप लेने पर उपलब्ध कराए जाने का दावा भी किया जा रहा था। डीआईजी कुंभ वैभव कृष्ण ने बताया कि दोनों सोशल मीडिया एकाउंट के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है। जल्द ही आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तार किया जाएगा।

अखिलेश यादव ने भी उठाए सवाल

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी इसे लेकर सवाल खड़ा किया है। एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, “ये एक अति अशोभनीय एवं संवेदनशील मामला है कि महाकुंभ में नारी के मान-सम्मान की रक्षा करने में भाजपा सरकार विफल रही है। महाकुंभ में पुण्य कमाने आई स्त्री शक्ति की तस्वीरों के सरेआम बेचे जाने के समाचार पर श्रद्धालुओं में भारी आक्रोश है। नारी की गरिमा की सुरक्षा करना सरकार का कर्तव्य है, क्या सरकार इस ऑनलाइन बिक्री से जीएसटी कमाकर इस गोरखधंधे की हिस्सेदारी नहीं बन रही है। उप्र एवं राष्ट्रीय महिला आयोग तुंरत संज्ञान लेकर सक्रिय हो और समस्त उत्तरदायी लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई हो।”

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