वाहन मालिकों को अनिवार्य रूप से हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगवानी होगी : कुमार सत्येंद्र यादव

मुज़फ़्फ़रपुर

बिहार में सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने और यातायात नियमों को कड़ाई से लागू करने के लिए परिवहन विभाग ने कड़े कदम उठाने का निर्णय लिया है. अब वाहन मालिकों को अनिवार्य रूप से हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगवानी होगी, अन्यथा उन्हें भारी जुर्माना देना पड़ेगा. 1 अप्रैल 2025 से राज्यभर में इस नियम का सख्ती से पालन कराया जाएगा.

HSRP क्यों है अनिवार्य?

जिला परिवहन पदाधिकारी कुमार सत्येंद्र यादव ने बताया कि
HSRP एक विशेष प्रकार की एल्यूमीनियम नंबर प्लेट होती है, जिसमें होलोग्राम और यूनिक कोड शामिल होता है. यह वाहन की सुरक्षा को बढ़ाने और यातायात प्रबंधन को आसान बनाने के उद्देश्य से डिजाइन की गई है. इससे वाहन चोरी और नंबर प्लेट की जालसाजी को रोकने में भी मदद मिलेगी.

उन्होंने कहा कि  यह नियम 1 अप्रैल 2019 से पहले पंजीकृत सभी पुराने और नए वाहनों पर लागू होगा. वाहन मालिकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके वाहन पर अधिकृत डीलर द्वारा HSRP लगाई गई हो. यदि कोई डीलर HSRP के लिए अतिरिक्त शुल्क वसूलता है, तो उसका लाइसेंस निलंबित किया जा सकता है.

1 अप्रैल के बाद बिना HSRP वाहन पर लगेगा भारी जुर्माना
जिला परिवहन पदाधिकारी कुमार सत्येंद्र यादव ने बताया कि 1 अप्रैल 2025 से बिना HSRP के सड़क पर चलने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई होगी. यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 2,500 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

HSRP नियमों को लागू करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें जिला प्रशासन और पुलिस विभाग मिलकर काम करेंगे.

संजय अग्रवाल ,परिवहन सचिव

बिहार परिवहन सचिव संजय कुमार अग्रवाल ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षकों और जिला परिवहन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे बिना HSRP नंबर प्लेट वाले वाहनों पर विशेष नजर रखें और दोषियों पर जुर्माना लगाएं.

फर्जी नंबर प्लेट पर भी होगी कार्रवाई
फर्जी नंबर प्लेट के कारण ई-चालान प्रक्रिया में कठिनाई आ रही है, जिससे वाहन पंजीकरण में अनियमितताएं सामने आ रही हैं. इसे रोकने के लिए परिवहन विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर अवैध नंबर प्लेट बनाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी है. परिवहन विभाग ने वाहन मालिकों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द HSRP नंबर प्लेट लगवाएं ताकि अनावश्यक जुर्माने से बचा जा सके और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन हो सके.

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