जहां कन्हैया ने दिया था भाषण उस स्थान को लोगों ने गंगाजल से धोया

सहरसा

पलायन रोको पदयात्रा के तहत मंगलवार की देर रात बनगांव पहुंचे थे। बनगांव स्थित दुर्गा मंदिर के प्रांगण में उन्होंने नुक्कड़ सभा को संबोधित किया था। बुधवार को गांव के कुछ युवकों ने उसे गंगाजल से धोया। नगर पंचायत बनगांव वार्ड पार्षद प्रतिनिधि अमित चौधरी के अगुआई में विष्णु , माखन, आनंद, सुरज, सरोज, बादल ने कहा कि कल रात में कन्हैया कुमार जो देश में विवादित बयान दिया था जो सब को याद होगा। इसी कारण उस पर देशद्रोह का भी आरोप लगा था। उन लोगों ने कहा कि बनगांव के भगवती स्थान में जिस जगह कन्हैया कुमार ने भाषण दी थी, उसे गंगाजल से शुद्ध कर दिया। अब यह स्थान पवित्र हो गया है। 

इस घटना के बाद सियासत गरमा गई है। कन्हैया कुमार के समर्थक इस घटना विरोध कर रहे हैं। बता दें कि जिस जगह को गंगाजल से धोया गया, वहीं पर मंगलवार की देर रात बनगांव के भगवती स्थान पर स्थानीय लोगों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पारंपरिक पाग, चादर और माला पहनाकर उनका स्वागत किया था। इधर, सभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाया। जनसभा को संबोधित करते हुए कन्हैया कुमार ने बिहार सरकार के 19 साल के शासन पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय में भी बेरोजगारी की समस्या जैसी की तैसी है। उन्होंने सरकार से पूछा कि युवाओं को कितनी नौकरियां मिलीं।

गांव में बच गई है बेबसी, लाचारी और मजबूरी

कन्हैया कुमार ने कहा कि बिहार की जो छवि गैंग्स ऑफ वासेपुर में दिखता है न वह बिहार की असली छवि नहीं है। बिहार की असली छवि कुछ और ही है। हमारा इतिहास, संस्कृति और सभ्यता काफी समृद्ध है लेकिन हमारी इतिहास को वर्तमान समस्या ढंक रहा है। बनगांव में चोरों से बचने के लिए सीसीटीवी कैमरा लग रहा है क्योंकि लोग आईएएस, आईपीएस, इंजीनियर, डॉक्टर ओर अन्य पद पर आसीन तो हो गए हैं लेकिन गांव से पलायन कर गए हैं। वह किसी पर्व त्योहार पर ही गांव आते है। अब गांव में बेबसी, लाचारी और मजबूरी रह गई है। अच्छे शिक्षा के खोज में खुद की मिट्टी छोड़ना पड़ रहा है।

लाखों युवा दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं

कन्हैया ने बताया कि रोजगार की कमी से बिहार के लाखों युवा दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ वादे करती है। शिक्षा और रोजगार में सुधार के बिना राज्य का विकास नहीं हो सकता। उन्होंने सरकार से नीतियों पर पुनर्विचार करने और युवाओं के लिए नए रोजगार के अवसर बनाने की मांग की। कन्हैया ने लोगों से अपील की कि वे अपने अधिकारों के लिए जागरूक बनें। ऐसी सरकार चुनें जो युवाओं के भविष्य को प्राथमिकता दे।

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