पटना
बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में आवारा कुत्तों का आतंक दिन ब दिन बढ़ता जा रहा है. जिले में अलग-अलग जगहों पर सैकड़ों से अधिक लोगों को कुत्तों ने काट कर जख्मी कर दिया है. इस वजह से अब लोगों ने मॉर्निंग वॉक करना छोड़ दिया है. वहीं, देर रात को लोग इनके आतंक से डरे सहमे हुए हैं. कुत्तों के आतंक का मामला बिहार विधान परिषद तक पहुंच गया. बुधवार को विधान परिषद में आवारा कुत्तों का मुद्दा उठा. बहस की शुरुआत तो गंभीरता से हुई, लेकिन कुछ ही पलों में मजाक और ठहाकों से पूरा सदन गूंज उठा।

जब परिषद के अध्यक्ष ने ली चुटकी
मुजफ्फरपुर में 8,000 से अधिक आवारा कुत्तों की समस्या को लेकर एमएलसी वंशीधर व्रजवासी ने सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि कुत्ते लोगों को काट रहे हैं, कई को गंभीर रूप से घायल कर चुके हैं और कुछ मामलों में मौत की खबरें भी आई हैं. मगर, इस मुद्दे पर जब परिषद के अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह ने चुटकी ली, तो सदन में माहौल पूरी तरह बदल गया. उन्होंने कहा कि अगर दिनेश बाबू (एमएलसी दिनेश सिंह) को कुत्ता काट ले तो कुत्ता ही मर जाएगा. अध्यक्ष की इस टिप्पणी से पूरे सदन में ठहाके गूंज उठे.

गंभीर मुद्दा मजाक में बदला
हालांकि, मुद्दा मजाक में बदल गया, लेकिन वंशीधर व्रजवासी पूरी गंभीरता से इस विषय को उठा रहे थे. उन्होंने बताया कि उनके बेटे को भी कुत्ते ने काट लिया था और मुजफ्फरपुर में ‘डॉग कैचर’ वाहन होने के बावजूद प्रशासन कार्रवाई नहीं कर रहा. इसके जवाब में, मंत्री जीवेश मिश्रा ने कहा कि राज्य में आवारा कुत्तों और बेसहारा गायों को पकड़ने के लिए अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन अब तक कुत्तों के काटने से किसी की मौत नहीं हुई है. इस जवाब से वंशीधर व्रजवासी संतुष्ट नहीं हुए
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कुत्तों के हमले से कई मौतें
उन्होंने मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि कुत्तों के हमले से कई मौतें हो चुकी हैं. इस पर मंत्री ने कहा कि आवारा पशुओं को पकड़कर गौशाला भेजा जा रहा है. इसी बीच, सभापति ने दिनेश कुमार पर तंज कसा. सभापति बोले, अगर कुत्ता दिनेश बाबू को काट ले तो कुत्ता ही मर जाए. इस बात पर पूरा सदन ठहाकों से गूंज उठा. विजय चौधरी ने भी इस बात पर चुटकी ली. उन्होंने कहा कि इस मामले में इलाज आसान है. व्रजवासी जी को एक काम करना है. सभी कुत्तों को पकड़कर दिनेश बाबू के पास भेज दें.












