शहर में नक्शे और नियमों के अनुरूप इमारतों का निर्माण हुआ है या नहीं, सरकार इसकी जांच कराएगी

पटना

शहर में नक्शे और नियमों के अनुरूप इमारतों का निर्माण हुआ है या नहीं, सरकार इसकी जांच कराएगी। इसमें देखा जाएगा कि फर्श क्षेत्र अनुपात (एफएआर) का उल्लंघन तो नहीं हुआ।

विधान परिषद में तारांकित प्रश्न के दौरान नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री जिवेश कुमार ने यह जानकारी दी।

सदस्य सौरभ कुमार ने पूरक प्रश्न के जरिए राजधानी में बने भवनों में एफएआर के उल्लंघन का मामला उठाया था।

इसका उत्तर देते हुए मंत्री ने कहा कि विभाग के वरीय अधिकारियों की टीम बनाकर एफएआर के स्तर पर इमारतों की जांच की जाएगी।

सबसे पहले सगुना मोड़ से दानापुर स्टेशन तक बने भवनों की इस मानक पर जांच की जाएगी। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। इसके साथ ही विभाग के स्तर पर यह निर्देशित भी किया जाएगा ताकि भविष्य में भी इस तरह का उल्लंघन न हो

डॉ. संजीव कुमार सिंह ने दानापुर में नारियल घाट से तकिया पर मोड़ तक सड़कों पर डीजे व अन्य गाडि़यों के खड़े होने का प्रश्न उठाया। करबिगहिया में भी इसी तरह अतिक्रमण के कारण जाम की जानकारी दी।

इस पर मंत्री ने कहा कि वह इस मामले की फिर से जांच कराकर अतिक्रमण हटवाएंगे। अगर जरूरत हुई तो खुद भी स्थल की जांच कर कार्रवाई करेंगे।

प्रो. संजय कुमार सिंह के प्रश्न के जवाब में मंत्री ने बताया कि अतिक्रमण की समस्या से निबटने के लिए राज्य के सभी शहरों में वेंडिंग जोन बनाया जाएगा, जिसमें फुटपाथी दुकानदारों को व्यवस्थित किया जाएगा।

पटना में 14 यूनिट वेंडिंग जोन का निर्माण किया गया है। कदमकुआं वेंडिंग जोन में 229 दुकानदारों को जगह दी गई है। पटना में 15 दिनों में नए वेंडिंग ज़ोन के लिए स्थल चिन्हित करने का निर्देश दिया गया है।

उप महापौर की शक्तियां बढ़ाने पर होगा विचार : मंत्री

मंत्री जिवेश कुमार ने विधानपरिषद में बताया कि राज्य सरकार उप महापौर के अधिकार और शक्तियों को बढ़ाने पर विचार करेगी। विधि विभाग से परामर्श मांगते हुए इसपर विचार किया जाएगा।

वह नीरज कुमार के अल्पसूचित प्रश्न का उत्तर दे रहे थे। मंत्री ने कहा कि अभी नगरपालिका अधिनियम एक्ट के आधार पर उप महापौर को अधिकार मिला हुआ है।

वह सशक्त स्थायी समिति के पदेन सदस्य होते हैं और मेयर की अनुपिस्थति में उनकी शक्ति का प्रयोग कर सकते हैं।

डॉ. प्रमोद कुमार के प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि गया में 53 वार्डों में गंगा जलापूर्ति हो रही है। जो इलाके छूटे हुए हैं, उन्हें फेज-3 में जलापूर्ति से जोड़ा जाएगा।

घनश्याम ठाकुर के प्रश्न के उत्तर में मंत्री ने बताया कि मधुबनी मेडिकल कॉलेज की जमीन अभी नगर निगम क्षेत्र में नहीं है, इसे निगम क्षेत्र में शामिल करने के लिए डीएम से प्रस्ताव मांगा गया है।

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