आज भी कांग्रेस और आरजेडी के राज को जब लोग याद करते हैं तो सिहरन पैदा हो जाती है : मंगल पांडेय

पटना

स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने कहा है कि बिहार में 15 वर्षों तक जंगलराज की सहभागी रही कांग्रेस को आंदोलन से पहले प्रायश्चित कर बिहारवासियों से माफी मांगनी चाहिए। शुक्रवार को जारी बयान में मंत्री ने कहा कि पटना की सड़कों पर आंदोलन करने वाली वही कांग्रेस है, जो बिहार को बर्बाद और मजाक का पात्र बनाने वाले लालू प्रसाद की सत्ता की हिस्सेदार रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को वर्तमान एनडीए सरकार पर आरोप लगाने और बिहार के युवाओं को बरगलाने से पहले उन दिनों को याद कर लेना चाहिए जब बिहार में फिरौती के लिए अपहरण को उद्योग का दर्जा मिल गया था। हजारों डॉक्टर और इंजीनियरों के साथ कारोबारियों को बिहार से पलायन करने के लिए विवश होना पड़ा था। अपराधियों के भय से शाम होने के पहले ही लोग घरों में दुबक जाते थे। रोजगार और पलायन को मुद्दा बनाकर घड़ियाली आंसू बहाने वाली कांग्रेस को पहले बिहार को बर्बाद करने वाले राजद से सवाल पूछना चाहिए। उन्होंने कहा कि दरअसल अस्तित्व संकट के दौर से गुजर रही मुद्दाविहीन कांग्रेस बिहार में कन्हैया कुमार को भेजकर राजद और उसके युवराज को औकात दिखाना चाहती है। जनता की चित्त से उतर चुकी कांग्रेस चाहे जितना ढोंग कर लें उसको बिहार के लोग दोबारा मौका देने वाले नहीं है। बिहार के लोग एनडीए की डबल इंजन की सरकार में चतुर्दिक विकास का स्वाद चख चुके हैं, अब वे कांग्रेस के झांसे में आने वाले नहीं है।

मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार की जनता सत्य जानती है कि सत्ता में जब आरजेडी और कांग्रेस के लोग आते हैं तो क्या करते हैं. इस राज्य की जनता भूली नहीं है. मंगल पांडेय ने आगे कहा कि आज भी कांग्रेस और आरजेडी के राज को जब लोग याद करते हैं तो सिहरन पैदा हो जाती है.

‘एनडीए के घटक दल मुंह में दही जमा कर बैठे हैं’

इससे पहले तेजस्वी ने प्रदेश में अपराधियों के हौसले बुलंद होने की बात कही थी. उन्होंने ‘एक्स’ पर कई आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए लिखा, “सरकार का इकबाल खत्म होने पर ही अपराधियों का इस कदर हौसला बढ़ता है. चुनिंदा मीडिया, संभ्रांत वर्ग और बुद्धिजीवी लोग इसे विधि व्यवस्था की समस्या कुछ नहीं कहेंगे. क्या इन लोगों को ध्वस्त विधि व्यवस्था में संपन्न ऐसी बेकाबू आपराधिक घटनाएं भी राज्य हित में मंगलकारी प्रतीत होती हैं? एनडीए के घटक दल क्या इन घटनाओं पर मुंह में दही जमा कर बैठे हैं?”

‘अपराधियों की भी जाति बता देनी चाहिए’

उन्होंने यह भी लिखा, “हर बात में जाति ढूंढने वाले बिहार के उपमुख्यमंत्री को इन अपराधों सहित सभी आपराधिक वारदातों और अपराधियों की भी जाति बता देनी चाहिए ताकि प्रदेशवासियों को भी यथास्थिति की जानकारी रहे. मैं पूर्ण रूप से आश्वस्त हूं कि बिहार के अचेत मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री को तो इन घटनाओं की जानकारी भी नहीं होगी, इसलिए सरकार में कोई भी व्यक्ति प्रदेश में व्याप्त अराजक स्थिति, बेलगाम अपराध व अनियंत्रित भ्रष्टाचार पर आधिकारिक बयान नहीं दे सकता.”

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