आज दिन की अवधि मात्र 10 घंटे 19 मिनट की होगी, जबकि रात 13 घंटे 41 मिनट की रहेगी

आध्यात्मिक गुरु पंडित कमला पति त्रिपाठी

आज रविवार, 21 दिसंबर 2025 को साल की सबसे लंबी रात और सबसे छोटा दिन होगा. इस दिन पृथ्वी की स्थिति ऐसी होती है कि सूर्य की रोशनी सबसे कम समय के लिए दिखाई देती है. पृथ्वी अपने अक्ष पर पश्चिम से पूरब की ओर घूमते हुए सूर्य की परिक्रमा करती है, इसी कारण दिन और रात का क्रम बनता है. 21 दिसंबर को यह खगोलीय घटना अपने चरम पर होती है, जिसे शीत अयनांत (Winter Solstice) कहा जाता है.दिन और रात में कितना होगा अंतर?
21 दिसंबर 2025 को दिन की अवधि मात्र 10 घंटे 19 मिनट की होगी, जबकि रात 13 घंटे 41 मिनट की रहेगी. इस प्रकार दिन और रात के बीच 3 घंटे 22 मिनट का बड़ा अंतर देखने को मिलेगा. यही कारण है कि इसे साल की सबसे लंबी रात कहा जाता है. जानें ज्योतिषाचार्य डॉ एन के बेरा से इस दिन चंद्र दर्शन का धार्मिक महत्व.

हिंदू धर्म में चंद्र देव का महत्व
हिंदू धर्म में सूर्य देव के साथ-साथ चंद्र देव की पूजा का भी विशेष महत्व है. अनेक व्रत-त्योहार चंद्र दर्शन के बिना पूर्ण नहीं माने जाते. चंद्रमा को मन, भावनाओं और मानसिक शांति का कारक माना गया है. अमावस्या के बाद होने वाला चंद्र दर्शन सुख-समृद्धि और सौभाग्य प्रदान करता है.

कब होगा साल का आखिरी चंद्र दर्शन?
पंचांग के अनुसार साल 2025 का अंतिम चंद्र दर्शन 21 दिसंबर, रविवार को होगा, जो संयोग से साल का सबसे छोटा दिन भी है. इस दिन चंद्र देवता के दर्शन और पूजन के लिए सायंकाल 05:29 बजे से 06:24 बजे तक, यानी लगभग 55 मिनट का शुभ समय मिलेगा. इस दौरान व्रत रखने और चंद्रमा को अर्घ्य देने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होती है.

चंद्र दर्शन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व
हिंदू मान्यता के अनुसार अमावस्या के बाद चंद्र दर्शन करने से मन शांत रहता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है. इस दिन भगवान शिव की पूजा करने से चंद्र दोष, मानसिक तनाव और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं. ज्योतिष के अनुसार चंद्र दर्शन से कुंडली में चंद्र ग्रह मजबूत होता है और मानसिक स्थिरता बढ़ती है.

21 दिसंबर 2025 न केवल खगोलीय दृष्टि से खास है, बल्कि धार्मिक रूप से भी अत्यंत महत्वपूर्ण दिन है.

वैज्ञानिक दृष्टि

आज (21 दिसंबर, 2025) उत्तरी गोलार्ध के लिए साल का सबसे छोटा दिन है, जिसे शीतकालीन अयनांत (Winter Solstice) कहते हैं, और इस दिन दिन की अवधि लगभग 10 घंटे की होती है, जबकि रात सबसे लंबी होती है, जिससे दिन और रात के बीच लगभग 3.5 घंटे का अंतर होता है, और इसके बाद से दिन धीरे-धीरे लंबे होने लगते हैं. 

मुख्य बातें:

  • कारण: पृथ्वी के अक्षीय झुकाव के कारण, इस दिन सूर्य की किरणें मकर रेखा (Tropic of Capricorn) पर लंबवत पड़ती हैं, जिससे उत्तरी गोलार्ध में सबसे कम सूर्य का प्रकाश मिलता है.
  • समय: यह घटना हर साल 21 या 22 दिसंबर को होती है, और 2025 में यह 21 दिसंबर को है.
  • प्रभाव: आज के बाद से, दिन धीरे-धीरे बड़े होने लगेंगे और रातें छोटी होने लगेंगी, जिससे ठंड का मौसम शुरू हो जाता है और यह भारतीय परंपरा में उत्तरायण की शुरुआत का भी प्रतीक है.
  • अवधि: दिन लगभग 10 घंटे 19 मिनट का और रात लगभग 13 घंटे 41 मिनट की होगी, जिसमें 3 घंटे 22 मिनट का अंतर होगा. 

Related Posts

बांका पुलिस लाइन में फूड प्वाइजन से 60 से 100 प्रशिक्षु सिपाही बीमार, अस्पताल में भर्ती

  अमित कुमार आनंद,   बांका आईजी विवेक कुमार एवं बांका डीएम नवदीप शुक्ला पहुंचे बांका सदर अस्पताल सभी बीमार प्रशिक्षु सिपाही के स्वास्थ का लिया जायजा अधिकारियों एवं डॉक्टरों को…

महा-एकीकरण के बाद भारत एक्सप्रेस मीडिया हाउस देश का दूसरा या तीसरा सबसे बड़ा नेटवर्क बन जाएगा : उपेंद्र राय

संतोष राज पाण्डेय  भारत एक्सप्रेस न्यूज नेटवर्क के तीसरे स्थापना दिवस के अवसर पर दिल्ली में आयोजित मेगा कॉन्क्लेव (‘विकसित भारत 2047: नए भारत की बात’) में नेटवर्क के सीएमडी…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *