पटना में 2 हजार शिक्षकों के साथ शिक्षा मंत्री ने सुनी ‘मन की बात’ का 138वां एपिसोड
पटना
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने निजी विद्यालय संचालकों से आह्वान किया है कि वे अपने आसपास के किसी एक सरकारी विद्यालय को गोद लेकर उसके शैक्षणिक और आधारभूत विकास में सहयोग करें। उन्होंने कहा कि सरकारी और निजी स्कूलों के बीच बेहतर समन्वय से ही बिहार की स्कूली शिक्षा को और मजबूत बनाया जा सकता है।शिक्षा मंत्री रविवार को पटना के रवीन्द्र भवन में प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा आयोजित 14वें शिक्षक सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षक-शिक्षिकाओं को सम्मानित किया।




समारोह की खास बात यह रही कि निजी विद्यालयों के करीब दो हजार शिक्षक-शिक्षिकाओं ने शिक्षा मंत्री के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 138वें संस्करण को सुना।
शिक्षा मंत्री तिवारी ने कहा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में निजी विद्यालयों की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। तीन दशक पहले जब राज्य की स्कूली शिक्षा कई चुनौतियों से गुजर रही थी, तब निजी विद्यालयों ने शिक्षा के प्रसार में अहम योगदान दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और शिक्षा विभाग निजी विद्यालयों के प्रति संवेदनशील है।
उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि निजी विद्यालय संचालकों से जुड़े वैधानिक कार्यों का समय पर और त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निजी संचालकों से भी सरकार के प्रयासों में सहयोग करने की अपील की।
मंत्री ने कहा कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ उनमें संस्कार, नवाचार और नेतृत्व की भावना विकसित करना भी जरूरी है। इसके लिए सरकारी और निजी विद्यालयों के बीच सहयोग और संवाद को और मजबूत करना होगा।
अपनी पहल ‘हमारा विद्यालय, हमारा स्वाभिमान’ का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग सरकारी विद्यालयों में पढ़कर आगे बढ़े हैं, वे अपने पुराने विद्यालयों से जुड़कर उनके विकास में योगदान दें।
इस अवसर पर एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शमायल अहमद, फ़ैज़ अहमद, सुरेश सिंह सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए निजी विद्यालय संचालक और शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे।








