वक्फ कानून के विरोध में गांधी मैदान में आयोजित रैली में शामिल हुआ वीआईपी का प्रतिनिधिमंडल

  • मछली के लिए जिस तरह पानी जरूरी, वैसे ही मुसलमानों के लिए वक्फ बोर्ड जरूरी है: मुकेश सहनी
  • भाजपा गरीबों के सभी अधिकार छीनना चाहती है: मुकेश सहनी

पटना, 29 जून। बिहार की राजधानी पटना में आज वक्फ कानून के खिलाफ आयोजित रैली में विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) ने समर्थन दिया। इस रैली में पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ और वक्फ कानून के खिलाफ आंदोलन को समर्थन देते हुए इसके इस कानून के विरोध में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

इधर, वीआईपी के प्रमुख और बिहार के पूर्व मंत्री मुकेश सहनी ने कहा कि जिस प्रकार मछली पानी के बिना नहीं रह सकती है और उसके लिए पानी जरूरी है, उसी तरह मुसलमानों के लिए वक्फ बोर्ड भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भाजपा की नीयत गरीबों के अधिकारों को छीनना है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि हमारी पार्टी शुरू से ही वक्फ कानून के विरोध में खड़ी है। इस कानून से न केवल मुसलमानों के अधिकारों को कम करने की कोशिश की जा रही है, बल्कि इबादतगाहों और मुसलमानों की विरासत को लूटने की कोशिश है।

वीआईपी के प्रमुख ने कहा कि सरकार को यह कानून वापस लेना पड़ेगा। उन्होंने गांधी मैदान में आयोजित रैली को एक शुरुआत बताते हुए कहा कि यह तो शुरुआत है, अभी तो आगे लंबा सफर तय करना है। उन्होंने कहा कि इस सरकार की मंशा ही दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों के अधिकारों को लूटना है। यही कारण है कि भाजपा संविधान को भी बदलने की कोशिश करती है।

गांधी मैदान की रैली में पहुंचे वीआईपी के प्रतिनिधिमंडल में मोहम्मद नुरुल होदा, इफ्तखार अहमद, अर्जुन सहनी, प्रेमानंद बेलदार, राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति और सुनील निषाद शामिल थे।

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