बालूघाटों की नीलामी, नीलामित बालूघाटों के संचालन तथा प्रत्यर्पित बालूघाटों के पुनर्नीलामी की स्थिति की भी समीक्षा की मीणा ने

निदेशक श्री मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में विभागीय समीक्षा बैठक

लंबित निविदा एवं नीलामी प्रक्रियाओं को 15 मार्च तक करें पूर्ण
वित्तीय वर्ष 2025-26 के राजस्व लक्ष्य की पूर्ति पर सख्ती

संतोष राज पाण्डेय,पटना

बिहार के  उप मुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा के निर्देशानुसार आज  निदेशक श्री मनेश कुमार मीणा की अध्यक्षता में खान एवं भूतत्व विभाग की विभागीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य के सभी जिलों के खनिज विकास पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित पदाधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया। बैठक के दौरान विभागीय कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा राजस्व समाहरण की वर्तमान स्थिति पर गहन चर्चा हुई। निदेशक महोदय ने स्पष्ट निर्देश दिया कि लंबित निविदा एवं नीलामी प्रक्रियाओं को 15 मार्च, 2026 तक पूर्ण किया जाए, ताकि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में बालू, पत्थर, ईंट, कार्य विभाग, नीलाम पत्र एवं दण्ड से प्राप्त राजस्व की समग्र समीक्षा की गई तथा दैनिक समाहरण लक्ष्य का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। वित्तीय वर्ष 2025-26 में निर्धारित लक्ष्य एवं वास्तविक समाहरण के बीच अंतर को समाप्त करने हेतु ठोस कार्य योजना तैयार करने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही कार्य विभाग से प्राप्त होने वाले राजस्व समाहरण की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित जिलों को इस दिशा में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। निदेशक महोदय ने विशेष रूप से निर्देशित किया कि इस सप्ताह कार्य विभाग से होने वाले संग्रहण पर केंद्रित प्रयास किए जाएं। बड़े जिलों को कार्य विभाग से प्राप्त राजस्व समाहरण में कड़ी मेहनत करते हुए विशेष अभियान चलाने तथा लंबित देयों की वसूली सुनिश्चित करने को कहा गया। बालूघाटों की नीलामी, नीलामित बालूघाटों के संचालन तथा प्रत्यर्पित बालूघाटों के पुनर्नीलामी की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
निदेशक महोदय ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि पारदर्शिता, समयबद्ध कार्रवाई एवं नियमित निगरानी के माध्यम से निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित की जाए। सभी जिलों को लक्ष्य आधारित कार्य योजना तैयार कर नियमित प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया, ताकि राज्य के राजस्व संसाधनों को सुदृढ़ करते हुए विकास कार्यों को गति प्रदान की जा सके।

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