शिक्षकों का स्थानांतरण पूरी तरह ऐच्छिक, विकल्प वाले विद्यालय में ही होगी बदली :  शिक्षा मंत्री

कम से कम एक और अधिकतम 30 विद्यालयों का दे सकते हैं विकल्प

शिक्षकों का जिला कैडर बनेगा, हर पांच वर्ष पर होगा स्थानांतरण

अब रिक्तियों का आकलन कर हर वर्ष बीपीएससी को भेजी जाएगी अधियाचना

दो दिनों में 22,591 अधिशेष शिक्षक तबादला आवेदन प्रक्रिया से जुड़े

पटना

प्रदेश के  शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी ने स्पष्ट किया है कि बिहार राज्य शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, 2026 के तहत शिक्षकों के समायोजन/समानुपातीकरण की प्रक्रिया पूरी तरह ऐच्छिक है। यह किसी भी शिक्षक के लिए अनिवार्य नहीं है। केवल वही शिक्षक स्थानांतरण के लिए पात्र होंगे, जो स्वयं आवेदन करेंगे। शुक्रवार को विकास भवन स्थित सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में श्री तिवारी ने तबादले को लेकर चल रही भ्रांतियों को दूर करते हुए कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा करते हुए उक्त वक्तव्य दिए।
उन्होंने बताया कि स्थानांतरण के लिए शिक्षक कम से कम एक और अधिकतम 30 विद्यालयों का विकल्प दे सकते हैं। शिक्षक द्वारा चुने गए विद्यालयों में से किसी एक विद्यालय में ही स्थानांतरण किया जाएगा। दिए गए विकल्पों के अतिरिक्त किसी अन्य विद्यालय में किसी भी शिक्षक का तबादला नहीं किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य में एक लाख से अधिक अधिशेष (सरप्लस) शिक्षक हैं। जिन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी है, वहां इन शिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी। इसके साथ ही राज्य सरकार प्राथमिक विद्यालयों में बाल वाटिका शुरू करने पर विचार कर रही है। वहां तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में भी अधिशेष शिक्षकों की सेवाएं ली जाएंगी। उन्होंने कहा कि पारस्परिक स्थानांतरण (म्यूचुअल ट्रांसफर) के लिए शिक्षक अपने ही विषय और श्रेणी के शिक्षक के साथ आवेदन कर सकेंगे।
श्री तिवारी ने बताया कि अब शिक्षकों का जिला कैडर बनेगा और हर पांच वर्ष पर स्थानांतरण की व्यवस्था लागू होगी। पूर्व में पूरे सेवाकाल में केवल दो बार स्थानांतरण का अवसर मिलता था।
उन्होंने शिक्षकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि इस नई व्यवस्था से पुरुष शिक्षकों को अपने जिले तथा महिला शिक्षकों को अपने प्रखंड में स्थानांतरण का लाभ मिलेगा। इससे शिक्षक समय पर विद्यालय पहुंचेंगे, समय पर लौटेंगे और पूरी लगन से विद्यार्थियों को पढ़ा सकेंगे।
माननीय शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्थानांतरण के लिए पोर्टल 29 जुलाई से खुल चुका है तथा 5 अगस्त आवेदन की अंतिम तिथि है। उन्होंने कहा कि दो दिनों में अब तक 14,796 अधिशेष शिक्षकों ने ऑनलाइन आवेदन कर दिया है, जबकि 7,795 अधिशेष शिक्षकों ने आवेदन भरकर सुरक्षित रखा है, लेकिन अभी अंतिम रूप से सबमिट नहीं किया है। इस प्रकार कुल 22,591 अधिशेष शिक्षक आवेदन प्रक्रिया से जुड़ चुके हैं। इसी अवधि में पारस्परिक स्थानांतरण (म्यूचुअल ट्रांसफर) के लिए 2,142 शिक्षकों ने आवेदन किया है।
उन्होंने आवेदन प्रक्रिया में आने वाली कठिनाइयों के समाधान के लिए कमांड एंड कंट्रोल सेंटर की ओर से जारी टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 14417 एवं 18003454417 की भी जानकारी दी। बताया कि इसके अलावा ई-शिक्षाकोष हेल्पडेस्क नंबर 9523300520 और 9430820499 भी जारी किए गए हैं।
श्री तिवारी ने बताया कि विभागीय अधिकारियों को शिक्षकों की आशंकाओं के समाधान तथा स्थानांतरण प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देने के लिए 9 एवं 10 अगस्त को पटना के अधिवेशन भवन में राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की जाएगी।
उन्होंने कहा कि टीआरई-4 के तहत 32,388 पदों पर नियुक्ति की अधियाचना बीपीएससी को भेजी जा चुकी है। विषयवार रिक्तियों का आकलन करने के बाद अब हर वर्ष बीपीएससी को अधियाचना भेजी जाएगी।
नियोजित शिक्षकों के संबंध में माननीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि विभाग उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर रहा है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि सरकार नियोजित शिक्षकों को भी इस व्यवस्था के साथ जोड़ने के लिए सकारात्मक प्रयास कर रही है।

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