9-10 अगस्त को पटना में होगा शिक्षा पर मंथन :  शिक्षा मंत्री

अधिवेशन भवन में राज्यस्तरीय कार्यशाला सह चिंतन शिविर का होगा आयोजन, 400 अधिकारी होंगे सम्मिलित

पटना ब्यूरो

आगामी 9 और 10 अगस्त को पटना के अधिवेशन भवन में दो दिवसीय राज्यस्तरीय कार्यशाला सह चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। शिविर में विभाग के करीब 400 वरिष्ठ, क्षेत्रीय, जिला एवं प्रखंड स्तर के अधिकारी भाग लेंगे। इस तरह की कार्यशाला पहली बार आयोजित की जा रही है।


गुरुवार को प्रेस वार्ता में यह जानकारी माननीय शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी ने दी। उन्होंने बताया कि 9 अगस्त को सुबह 9:30 बजे कार्यक्रम का शुभारंभ होगा। माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी कार्यशाला का उद्घाटन करेंगे। दो दिवसीय कार्यक्रम का समापन 10 अगस्त को शाम 7 बजे होगा। शिविर में हुई चर्चा, सुझाव और निर्णयों की जानकारी 11 अगस्त को आयोजित प्रेस ब्रीफिंग में साझा की जाएगी।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह चिंतन शिविर शिक्षा विभाग के वरिष्ठ नेतृत्व, विभिन्न संस्थानों और सहयोगी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय, नीतिगत विमर्श और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि कार्यशाला में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, शिक्षक स्थानांतरण नियमावली, स्मार्ट क्लास, ई-शिक्षाकोष एवं एचआरएमएस का एकीकरण, आईआईटी आधारित प्रयोगशालाएं, व्यावसायिक शिक्षा, डिजिटल नवाचार, सौर ऊर्जा, विद्यालयों में इंटरनेट सुविधा, स्वास्थ्य जांच, पोषण और स्वच्छता जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।
माननीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में बिहार की भूमिका महत्वपूर्ण है। इस लक्ष्य की पूर्ति के लिए शिक्षा व्यवस्था को और अधिक गुणवत्तापूर्ण, आधुनिक और तकनीक आधारित बनाना आवश्यक है। इसी सोच के साथ यह कार्यशाला आयोजित की जा रही है।
उन्होंने कहा कि इस शिविर का उद्देश्य शिक्षा विभाग के अधिकारियों को राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के उद्देश्यों से जोड़ना, नई नीतियों और डिजिटल नवाचारों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षित करना तथा जिला और प्रखंड स्तर तक स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करना है।
कार्यशाला के दौरान आधुनिक सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित तकनीकों के उपयोग पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
माननीय शिक्षा मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस चिंतन शिविर के बाद जिला एवं प्रखंड स्तर के अधिकारियों के पास राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन की स्पष्ट कार्ययोजना होगी। इससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ेगी, सरकारी विद्यालयों में बच्चों के सीखने के स्तर में सुधार होगा तथा समृद्ध बिहार और विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में आसानी होगी।

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