बिहार के सरकारी स्कूल में शिक्षक और प्रधानाध्यापक के बीच ‘जूता कांड’

कैमूर: बिहार के कैमूर से सनसनीखेज मामला सामने आया है। दुर्गावती प्रखंड के मधुरा विद्यालय में प्रार्थना के दौरान प्रधानाध्यापिका और एक शिक्षक के बीच जूता चलाने की घटना हुई। यह घटना 18 तारीख को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के प्रस्तावित दौरे से ठीक पहले हुई है। शिक्षक जसरुद्दीन और प्रधानाध्यापिका के बीच स्कूल की प्रार्थना को लेकर विवाद हुआ, जिसमें दोनों ने एक-दूसरे पर जूते तान दिए और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सीएम नीतीश के दौरे से पहले स्कूल बवाल

मुख्यमंत्री के दौरे से पहले कैमूर जिले के एक स्कूल में शिक्षक और प्रधानाध्यापिका के बीच हुए विवाद ने शिक्षा विभाग को शर्मसार कर दिया है। दुर्गावती प्रखंड के मधुरा विद्यालय में हुई इस घटना में शिक्षक जसरुद्दीन और प्रधानाध्यापिका के बीच स्कूल की प्रार्थना के समय बहस हो गई। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों ने एक-दूसरे पर जूते दिखाए और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। इस पूरी घटना का वीडियो किसी ने बना लिया और सोशल मीडिया पर डाल दिया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।

शिक्षक जसरुद्दीन का गंभीर आरोप

शिक्षक जसरुद्दीन का आरोप है कि प्रधानाध्यापिका पिछले 9 वर्षों से उन पर अभद्र भाषा का प्रयोग करती आ रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रिंसिपल मुझ पर हमेशा अभद्र भाषा का उपयोग करती है। पिछले 9 सालों से हम यहां काम कर रहे हैं और वह हमेशा अभद्र भाषा का उपयोग करती है। लेकिन कभी जूता दिखाने की बात नहीं हुई। पता नहीं आज कैसे हो गई।

क्या कह रहीं प्रिंसिपल

वहीं, प्रधानाध्यापिका का कहना है कि वह किसी भी शिक्षक के साथ बदतमीजी नहीं करती हैं। उनका आरोप है कि शिक्षक हमेशा फोन पर लगे रहते हैं और स्कूल के काम में ध्यान नहीं देते। जब कहते हैं जाओ क्लास लेने तो वो कहते हैं कि तुम कौन होती हो हमें कहने वाली। हम लोग का अटेंडेंस ऑनलाइन लगता है। और आज आपने देखा कि वह हमें मारने के लिए जूता निकाल लिया था।

शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे

वहीं, घटना की जानकारी मिलते ही दुर्गावती प्रखंड के शिक्षा पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। उन्होंने कहा कि जैसे ही हम लोग को यह बात पता लगा तो हम लोग स्कूल में आए और दोनों लोगों को समझाने बुझाने का काम किया। हालांकि यह पूरा मामला हम लोग जिला में लिखकर अधिकारियों को बताएंगे। आपस में एक दूसरे को जूता दिखना अच्छी बात नहीं है। स्कूल में ऐसा नहीं होना चाहिए।

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