आमजनों को सुगम यातायात उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता: विजय सिन्हा

पटना

बिहार के उप मुख्यमंत्री सह पथ निर्माण मंत्री विजय कुमार सिन्हा (Vijay Kumar Sinha) ने कहा कि राज्य में 4700 किलोमीटर पथों का नवीकरण शीघ्र होगा। सिन्हा ने बताया कि दीर्घकालीन पथ संधारण (OPRMC) के कार्यों की विस्तृत रूप से समीक्षा की गई है। कई जिलों के पथों का वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से स्थलीय निरीक्षण भी किया गया है।

समीक्षा के क्रम में यह बात स्पष्ट हुई है कि चार वर्ष पर पथों का नवीकरण संवेदकों द्वारा किया जाता है। उन्होंने विभागीय पदाधिकारियों को निदेशित किया है कि जिन पथों की स्थिति अच्छी है, वहां नवीकरण पर व्यय  होने वाली राशि का भुगतान नहीं किया जाए और उसी राशि से अगले वर्ष नवीकरण कराया जाए ताकि अधिक समय तक पथ की स्थिति अच्छी रह सके। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि समीक्षा के क्रम में कुछ ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिनमें नवीकरण की आवश्यकता नहीं रहने पर भी अभियंताओं के द्वारा संवेदकों को लाभ पहुंचाने के लिए नवीकरण का कार्य कराया गया है। ऐसे मामलों की गंभीरतापूर्वक जांच का निदेश अभियंता प्रमुख को दिया गया है। अभियंता प्रमुख को 15 दिनों के अन्दर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निदेश दिया गया है। 

ओपीआरएमसी के तहत लगभग 1300 पथ शामिल
पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि राज्य में दीर्घकालीन पथ संधारण (ओपीआरएमसी) के तहत लगभग 1300 पथ शामिल हैं, जिनकी कुल लंबाई लगभग 10200 किलोमीटर है। इस योजना पर सात वर्षों के लिए पथों के रख-रखाव के लिए लगभग 6655 करोड़ रुपए व्यय किए जा रहे हैं। मुख्य अभियंता, (ओपीआरएमसी) को इस संबंध में जिलाबार पथों की स्थिति के संबंध में एक सप्ताह के अन्दर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निदेश दिया गया है। उप मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 4700 किलोमीटर पथों का शीघ्र नवीकरण किए जाने का निदेश अभियंताओं को दिया गया है, साथ ही अन्य पथों के संबंध में भी स्थलीय निरीक्षण कर 15 दिनों में प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का निदेश दिया गया है। 

आमजनों को सुगम यातायात उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता: विजय सिन्हा
विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि राज्य के आमजनों को सुगम यातायात उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। दीर्घकालीन पथ संधारण (ओपीआरएमसी) नीति के तहत सभी पथों का नियमित रूप से अनुश्रवण आवश्यक है, जिससे ससमय पथों की मरम्मति का कार्य आवश्यकतानुरूप किया जा सके। इस योजना के तहत संवेदकों को एक निश्चित राशि प्राप्त हो जाती है। अभियंताओं का दायित्व है कि वे पथों का निरीक्षण नियमित रूप से करें और आवश्यकतानुसार संवेदकों से पथों की मरम्मति कराना सुनिश्चित करें। सिन्हा ने बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में पथ निर्माण विभाग विकसित बिहार के सपने को साकार करने में अपनी भूमिका निभा रहा है। आर्थिक एवं सामाजिक क्षेत्रों में प्रगति के लिए सुगम यातायात आवश्यक है। पथ निर्माण विभाग इस दिशा में नियमित रूप से कार्य कर रहा है। 

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