धनतेरस आज, सुबह से शाम तक करें इन शुभ मुहूर्त में खरीदारी, जानें सही पूजा विधि और समय

आध्यात्मिक गुरु पं कमला पति त्रिपाठी प्रमोद

🪷🪷🪷इस वर्ष दीपावली 20 अक्टूबर 2025 सोमवार को हर्षोल्लास से सर्वत्र मनाया जाएगा। लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त सर्वोत्तम प्रदोषकाल वृष लग्न संध्या 06.51से लेकर 08.48 तक सिंह लग्न मध्यरात्रि 01.19 से लेकर 03.33 मिनट तक।
दीपावली पर लक्ष्मी पूजन धन-धान्य, समृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति के लिए किया जाता है, क्योंकि देवी लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है, और यह मान्यता है कि दीपावली के मध्य रात्रि में मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और घरों में वास करती हैं, जो स्वच्छ और प्रकाशमान होते हैं। इसके साथ ही, धन के आने पर व्यक्ति को कहीं घमंड न हो और वह धन का सही उपयोग कर सके, इसके लिए बुद्धि के देवता गणेश जी की पूजा भी मां लक्ष्मी के साथ की जाती है।


लक्ष्मी पूजन के मुख्य कारण
धन और समृद्धि की कामना हिंदू धर्म में देवी लक्ष्मी को धन, संपत्ति, सुख और समृद्धि की देवी माना जाता है। दीपावली पर लक्ष्मी पूजन करके लोग उनसे धन-धान्य में वृद्धि और ऐश्वर्य की प्राप्ति की कामना करते हैं।
धन आगमन पर बुद्धि की आवश्यकता ऐसा माना जाता है कि धन के आने से व्यक्ति को अभिमान या घमंड हो सकता है। इसलिए, धन की देवी लक्ष्मी के साथ बुद्धि के देवता गणेश जी की भी पूजा की जाती है, ताकि प्राप्त धन का विवेकपूर्ण उपयोग हो और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहे।
समुद्र मंथन के दौरान देवी लक्ष्मी का जन्म हुआ था। इसीलिए दीपावली पर उनका विशेष पूजन किया जाता है।
मां लक्ष्मी का घर में आगमनकी मान्यता है कि दीपावली के दिन मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं। जो घर स्वच्छ, प्रकाशित और शुभ होते हैं, उन घरों में वे वास करती हैं। इसलिए घर की सफाई करके और दीप जलाकर मां लक्ष्मी का स्वागत किया जाता है।
बुराई पर अच्छाई की जीत दीपावली श्री राम के 14 वर्ष के वनवास से लौटने और रावण पर उनकी विजय का भी प्रतीक है। यह बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की जीत का उत्सव है।
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