बोले-शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के विस्तार के लिए निरंतर काम कर रही सरकार
बिहटा में एनएसआईटी के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों को किया संबोधित
पटना
प्रदेश के शिक्षा मंत्री श्री मिथिलेश तिवारी ने कहा है कि शिक्षा सिर्फ नौकरी पाने का माध्यम नहीं है। यह व्यक्ति को सोचने की शक्ति देती है, सही और गलत का निर्णय करना सिखाती है तथा समाज और राष्ट्र के प्रति उसकी जिम्मेदारियों का बोध कराती है। एक शिक्षित व्यक्ति अपने परिवार के साथ-साथ पूरे समाज और राष्ट्र के भविष्य को भी नई दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि सपने वो नहीं जो नींद में आते हैं, सपने वो हैं जो आपको सोने नहीं देते।

श्री तिवारी बुधवार को बिहटा के अमहारा स्थित नेताजी सुभाष इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएसआईटी) के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में नवप्रवेशी विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे।
दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करने के बाद माननीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। सरकार का उद्देश्य है कि राज्य का प्रत्येक युवा आत्मनिर्भर बने तथा अपने ज्ञान और प्रतिभा से बिहार और देश का गौरव बढ़ाए।
उन्होंने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि कॉलेज में प्रवेश जीवन के एक नए अध्याय की शुरुआत है। यह वह पड़ाव है, जहां से भविष्य की दिशा और दशा तय होती है। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी हैं। असफलता अंत नहीं, सफलता की पहली सीढ़ी है। हर चुनौती व्यक्ति को और अधिक सक्षम बनाती है।
माननीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान समय ज्ञान, विज्ञान और तकनीक का युग है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी और डिजिटल टेक्नोलॉजी भविष्य का निर्माण कर रहे हैं। ऐसे समय में विद्यार्थियों को केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि बदलती तकनीकों के अनुरूप अपने ज्ञान, कौशल और क्षमता का निरंतर विकास करना चाहिए। श्री तिवारी ने विद्यार्थियों से अनुशासन, समय के सदुपयोग, ईमानदारी और कठिन परिश्रम को जीवन का आधार बनाने का आग्रह किया।
उन्होंने संस्थान के प्रबंधन को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए कहा कि इस वर्ष 700 से अधिक विद्यार्थियों का विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश संस्थान की गुणवत्ता का प्रमाण है। उन्होंने वर्ष 2024 में नैक से मान्यता प्राप्त करने वाला बिहार का पहला इंजीनियरिंग कॉलेज बनने पर संस्थान को बधाई दी।
संबोधन के अंत में माननीय शिक्षा मंत्री ने सभी नवप्रवेशी विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए शिक्षा, नवाचार और युवा शक्ति के बल पर विकसित बिहार एवं विकसित भारत के निर्माण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विधान पार्षद श्री जीवन कुमार, एनएसएमसीएच के निदेशक श्री कृष्ण मुरारी सिंह, प्राचार्य डॉ. हरिहर दीक्षित, संस्थापक श्री टीएन सिंह, कॉलेज निदेशक नीतू सिंह, डॉ आरएस शर्मा, रजिस्ट्रार पवन सिंह के अलावा अभिभावक व बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।







