72 लोगों को मिला “बिहारी खनन योद्धा पुरस्कार” का सम्मान
संतोष राज पाण्डेय,पटना
उपमुख्यमंत्री सह खान एवं भूतत्व मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने आज अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरुद्ध सटीक आसूचना प्रदान कर कार्रवाई में सहयोग करने वाले आसूचनादाताओं को ‘बिहारी योद्धा पुरस्कार’ प्रदान किया। इस अवसर पर उन्होंने आसूचनादाताओं के साहस और जनहित में निभाई गई उनकी महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा पिछले तीन महीनों में अवैध खनन के विरुद्ध चलाए गए विशेष अभियान, की गई कार्रवाइयों तथा विभाग की प्रमुख उपलब्धियों की भी विस्तृत जानकारी साझा की गई।

खान एवं भूतत्व विभाग द्वारा अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से ‘बिहारी योद्धा पुरस्कार’ की पहल की गई है। इस के तहत अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण से संबंधित सटीक सूचना देने वाले आसूचनादाताओं को प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है। इस अवसर पर विभाग के सचिव श्री दिवेश सेहरा, निदेशक श्री मनेश कुमार मीणा सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
योजना के प्रावधान के अनुसार, अवैध खनिज लदे ट्रैक्टर को जप्त कराए जाने पर ₹5,000 तथा अन्य बड़े वाहनों के जप्त होने पर ₹10,000 की पुरस्कार राशि प्रदान की जाती है।
वित्तीय वर्ष 2025-26 में चयनित कुल 72 आसूचनादाताओं को उनके द्वारा उपलब्ध कराई गई महत्वपूर्ण सूचनाओं के आधार पर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कुल ₹3,70,000 (तीन लाख सत्तर हजार रुपये) की राशि पुरस्कार स्वरूप ऑनलाइन माध्यम से वितरित की गई। अवैध खनन की सूचना देने हेतु 0612 2215360 अथवा 9472238821 पर कॉल करें।
कार्यक्रम के दौरान उपमुख्यमंत्री महोदय तथा सचिव महोदय के द्वारा विभाग की हालिया उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया गया कि राज्य सरकार ने अवैध खनन के विरुद्ध Zero Tolerance नीति अपनाई है और इसके तहत लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। पिछले एक वर्ष में 52,000 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की जा चुकी है।
बालू घाटों के संचालन और निगरानी को भी सुदृढ़ किया गया है। राज्य में कुल 471 बालू घाट की नीलामी सफलतापूर्वक की जा चुकी है, जिनमें से 196 घाट वर्तमान में संचालित हैं। विभाग द्वारा बालू घाटों के संचालन में तेजी लाने तथा राजस्व नुकसान रोकने के लिए नियमित समीक्षा की जा रही है।
अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को भी मजबूत किया गया है। GPS से छेड़छाड़ कर राजस्व चोरी करने वाले वाहनों को चिन्हित कर के मालिकों को नोटिस जारी किया गया है। दोषियों पर नियमानुसार ₹1 लाख तक का जुर्माना लगाया जा रहा है तथा जुर्माना नहीं देने की स्थिति में वाहनों का पंजीकरण रद्द करने की कार्रवाई भी की जा रही है।
खनिज राजस्व बढ़ाने एवं रोजगार सृजन के उद्देश्य से वृहद खनिज ब्लॉकों की नीलामी की प्रक्रिया को भी तेज किया गया है। राज्य में चिन्हित 13 खनिज ब्लॉकों में से 4 ब्लॉकों की नीलामी सम्पन्न हो चुकी है एवं शेष 9 ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया में है। इसके अतिरिक्त विगत 3 माह में राज्य में 64 बालू घाटों की सफल नीलामी की गई है, जिससे राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।
अवैध खनन को रोकने के लिए जिला स्तर पर भी विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। सारण जिले में चलाए गए अभियान के दौरान ₹76.01 लाख का जुर्माना लगाया गया और कार्रवाई के क्रम में 8 वाहनों को जब्त किया गया। वैध खनिज व्यापार को बढ़ावा देने के लिए बालू और गिट्टी के भंडारण हेतु ऑनलाइन लाइसेंस प्रणाली लागू की गई है, जिसके तहत अब KhananSoft पोर्टल के माध्यम से घर बैठे आवेदन किया जा सकता है। अवैध भंडारण के मामलों में जुर्माना तथा प्राथमिकी दर्ज करने प्रावधान किया गया है।
जिला खनिज फाउंडेशन मद से सभी जिलों में ईंट भट्ठों एवं बालूघाटों पर कार्यरत श्रमिकों के हित को ध्यान में रखते हुए उनके पहचान पत्र निर्गत करने की कार्रवाई की जा रही है जिससे श्रमिकों को उनसे संबंधित योजनाओं के लाभ मिल सकें।
विभागीय जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए कमजोर प्रदर्शन के कारण 8 जिलों के खनिज विकास पदाधिकारियों को स्पष्टीकरण जारी किया गया है। साथ ही बालू, पत्थर और ईंट से होने वाले राजस्व पर विशेष फोकस करते हुए घाटों की नीलामी और संचालन की नियमित समीक्षा की जा रही है। राज्य में अवैध खनन नियंत्रण के लिए 400 अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती का प्रस्ताव दिया गया है, ताकि अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
पहली बार राज्य की प्रमुख निर्माण परियोजनाओं के लिए खनिज आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पटना और वैशाली के 9 बालू घाट BSRDCL को आवंटित किए गए हैं, जिससे जेपी गंगा पथ परियोजना, भदघाट–दीदारगंज चार लेन सड़क तथा दीदारगंज–फतुहा–बख्तियारपुर सड़क परियोजना को निर्माण सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
सभी संचालित बालू घाटों पर इंटरनेट युक्त CCTV कैमरे लगाए गए हैं तथा निगरानी के लिए एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित किया गया है, जिससे लाइव फुटेज के माध्यम से अनियमितताओं की पहचान कर त्वरित कार्रवाई की जा रही है।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि विभाग का स्पष्ट लक्ष्य अवैध खनन पर पूर्ण नियंत्रण स्थापित करना, खनिज राजस्व में वृद्धि करना, पारदर्शी एवं तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था को सुदृढ़ करना तथा वैध खनिज व्यापार को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि तकनीक, सख्त कार्रवाई और जनभागीदारी के माध्यम से बिहार में खनन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाया जा रहा है तथा राज्य में ‘माफिया राज’ की जगह पारदर्शी और जवाबदेह खनन व्यवस्था स्थापित करने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।







