खान एवं भूतत्व विभाग ने किया एक वित्तीय वर्ष में अबतक का सर्वाधिक राजस्व समाहरण

कुल 21 जिलों ने प्राप्त किया लक्ष्य से 100% से अधिक राजस्व
एक वर्ष में कुल 50,000+ छापेमारी, कुल 82 करोड़ रू0 की वसूली की गयी

पटना ब्यूरो

उपमुख्यमंत्री- सह- खान एवं भूतत्व मंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा द्वारा आज सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के सभागार कक्ष में प्रेस वार्ता कर खान एवं भूतत्व विभाग की वित्तीय वर्ष 2025-2026 की उपलब्धियों से अवगत कराया गया। इस दैरान विभाग के निदेशक श्री मनेश कुमार मीणा सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। श्री विजय कुमार सिन्हा ने अवगत कराया कि खान एवं भूतत्व विभाग, बिहार सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 में राजस्व संग्रहण, पारदर्शिता एवं अवैध खनन पर नियंत्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ दर्ज की गई हैं। विभाग द्वारा डिजिटल तकनीकों के व्यापक उपयोग, सुदृढ़ अनुश्रवण व्यवस्था एवं प्रक्रियागत सुधारों के माध्यम से खनन क्षेत्र में प्रभावी प्रबंधन सुनिश्चित किया गया है।

  1. विगत वर्ष 2024-25 की तुलना में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 56.39 करोड़ अधिक राजस्व समाहरण करते हुए 3592.60 करोड़ रू० (औपबंधिक) का राजस्व समाहरण विभाग द्वारा किया गया है। यह खान एवं भूतत्व विभाग का किसी एक वित्तीय वर्ष में अबतक का सर्वाधिक राजस्व संग्रहण है। मार्च 2026 में विभिन्न कार्य विभागों से लगभग 300 करोड़ रुपये की राशि अवकाश एवं अन्य कारणों से प्राप्त नहीं हो सकी है, जो अप्रैल माह में प्राप्त हो जाएगी जिससे राजस्व में और वृद्धि दर्ज की जाएगी। इससे किसी वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक राजस्व हासिल करने का रिकॉर्ड बनेगा।
  2. वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राज्यान्तर्गत कुल-71 बालूघाटों की नीलामी सफलतापूर्वक करायी गयी है, जिससे राज्य में कुल नीलामित बालूघाटों की संख्या-473 हो गयी है। इसी प्रकार इस वित्तीय वर्ष में सक्षम प्राधिकार द्वारा कुल-123 बालूघाटों का पर्यावरणीय स्वीकृति निर्गत किया गया है, जिससे EC प्राप्त कुल बालूघाटों की संख्या 354 हो गयी है। बालूघाटों के वैधानिक अनापत्ति के निष्पादन में तेजी होने से बालूघाटों के संचालन में तीव्रता एवं राज्य के राजस्व में वृद्धि दर्ज की गयी है।
  3. राज्य में बालू खनन के सुव्यवस्थित, पारदर्शी एवं पर्यावरण-सम्मत संचालन के संबंध में संबंधित विभागों के साथ आयोजित अन्र्तविभागीय बैठक के उपरांत विभिन्न जिलों में बालूघाटों के पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया में उल्लेखनीय रूप से प्रगति दर्ज की गयी है. जिसमें राज्यान्तर्गत सक्षम प्राधिकार द्वारा दो माह में कुल 51 पर्यावरणीय स्वीकृति निर्गत किये गये है। विभाग द्वारा पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करते हुए राज्य में निर्माण एवं विकासत्मक कार्यों हेतु बालू की सुचारू उपलब्धता बनाये रखने की दिशा में निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
  4. राज्य सरकार द्वारा राज्य में लघु, मध्यम एवं अन्य उद्योग इकाईयों तथा अन्य छोटे उपभोक्ताओं को उचित मूल्य पर कोयले की आपूर्ति बिहार स्टेट माइनिंग कॉरपोरेशन लि० द्वारा पारदर्शी तरीके से ई-वितरण कराया जा रहा है। इस वित्तीय वर्ष में निगम को 1,43,608 MT तथा वित्तीय वर्ष 2026-27 में 3,85,000 MT कोयले का आवंटन किया गया है, जिससे स्वच्छ तकनीक का प्रयोग करने वाले ईंट-भट्ठा एवं लघु सूक्ष्म एवं अन्य औद्योगिक इकाईयों को अधिसूचित मूल्य पर कोयले की आपूर्ति कराया गया है।
  5. लघु खनिज के अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण के सटीक आसूचना एवं कार्रवाई के लिए आसूचनादाताओं को बिहारी योद्धा पुरस्कार दिये जाने का प्रावधान किया गया है, जिसके अन्तर्गत अवैध खनिज लदे ट्रैक्टर को जप्त किये जाने के लिए रू0 5000/-एवं अन्य बड़े वाहनों के लिए रू0 10,000/- का पुरस्कार दिया जाता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में चयनित कुल 96 आसूचनादाताओं को कुल राशि 4,90,000/- (एक लाख बीस हजार रूपये) वितरित किया गया है।
  6. विभाग द्वारा अवैध खनन एवं परिवहन के विरूद्ध नियमित रूप से कड़ी कार्रवाई की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 तक कुल 50,302 छापेमारी, 2727 प्राथमिकी, 708 गिरफ्तारी एवं 6214 वाहनों को जप्त कर 82.06 करोड़ रू0 की वसूली की गयी है। बिहार पहला राज्य है, जिसने अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण को रोकने एवं इसमें संलिप्त व्यक्तियों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई हेतु सख्त दण्डात्मक प्रावधान किये हैं। राज्य सरकार द्वारा अवैध खनन एवं परिवहन पर कड़ा अंकुश लगाने हेतु बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) (संशोधन) नियमावली, 2024 प्रख्यापित की गयी है। नियमावली में अवैध परिवहन में संलिप्त वाहनों के प्रकार के आधार पर शमन शुल्क की राशि को रूपये 01 लाख से 10 लाख निर्धारित किया गया हैं। जप्त सामग्री / वाहनों के लिए शमन शुल्क (दण्ड शुल्क) की राशि एक माह के अन्दर नहीं जमा करने पर इन्हें राज्यसात (अधिहरित) कर नीलामी का भी प्रावधान है। इससे अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिली है।
  7. राजस्व समाहरण के शत्-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति किये जाने तथा अवैध खनन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित नहीं करने एवं शिथिलता बरतने वाले संबंधित खनिज विकास पदाधिकारी एवं खान निरीक्षकों से स्पष्टीकरण पूछा गया है। जिन्हें दोषी पाये जाने पर उनपर कठोर अनुशासनिक कार्यवाही की जायेगी।
  8. वृहद खनिजः-
    ▶ वृहद खनिज के क्षेत्र में बिहार की भूमिका राष्ट्रीय स्तर पर तेजी से उभर रही है। GSI के अन्वेषण प्रतिवेदन के आधार पर खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वृहद खनिज के 14 ब्लॉक नीलामी हेतु उपलब्ध कराये गये है। जिनमें से 03 ब्लॉको की सफल नीलामी खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा करायी गयी है।
    ▶ रोहतास जिला में 03 खनिज ब्लॉको यथा नवाडीह-ग्लूकोनाईट ब्लॉक, टीपा-ग्लूकोनाईट ब्लॉक एवं शाहपुर-अकबरपुर- ग्लूकोनाईट ब्लॉक तथा गया जिला के 01 खनिज ब्लॉक यथा सपनेरी-वेनेडियम मेग्नेटाईट ब्लॉक के नीलामी हेतु विज्ञापन का प्रकाशन ट्रान्च-07 (Tranche-07) के अन्तर्गत भारत सरकार किया गया है, जिसमें बोली लगाने की अंतिम तिथि 20.05.2026 निर्धारित है।
    ▶शेष 03 सामरिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण खनिज ब्लॉकों की नीलामी केन्द्र सरकार द्वारा किया जाना है।
    ▶राज्य सरकार द्वारा 04 खनिज ब्लॉकों में से रोहतास जिला के ग्लूकोनाईट खनिज के 02 ब्लॉक का कम्पोजिट लाईसेंस विभाग द्वारा निर्गत किया गया है।
    राज्य सरकार द्वारा मंजोस भंटा मैग्नेटाईट ब्लॉक की नीलामी की कार्रवाई की जा रही है। हाल के दिनों में खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बाँका जिले में वृहद खनिज कॉपर-लेड-जिंक ब्लॉक नीलामी हेतु उपलब्ध कराया गया है। जिससे राज्य के राजस्व में वृद्धि एवं रोजगार के नये अवसर सृजित होंगें।
  9. नवाचार / आधुनिकीकरण
    विभाग के कार्यों में पारदर्शिता लाने एवं बेहतर ससमय सेवा देने हेतु लघु खनिज भण्डारण अनुज्ञप्ति / नवीकरण प्राप्त करने की प्रक्रिया ऑन लाईन कर दिया गया है।
    *राज्य में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए खुदरा व्यापार हेतु भंडारण की मात्रा एवं व्यवसाय के आकार पर भंडारण अनुज्ञप्ति देने का प्रावधान किया गया है।
    बालूघाटों / पत्थर भू-खंडों की बन्दोबस्ती ई-ऑक्शन के माध्यम से की जाती है।
    *राज्य में पहली बार आधारभूत संरचनाएं के निर्माण में तेजी लाने हेतु लोकहित में बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन को पटना जिला के 07 उजला बालूघाट एवं वैशाली जिला के 02 उजला बालूघाट आवंटित किया गया है।
    *बगैर पर्यावरणीय स्वीकृति के लघु खनिजों के खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।
    *वर्तमान में खनिजों के परिवहन हेतु ई-चालान सॉफ्टवेयर के माध्यम से निर्गत किये जा रहे है।
    *सूचना एवं प्रावैद्यिकी का प्रयोग खनन विभाग में व्यापक स्तर पर किया जा रहा है, जिसके फलस्वरूप राजस्व संग्रहण में अपेक्षित वृद्धि के साथ-साथ अवैध खनन पर प्रभावकारी नियंत्रण स्थापित हुआ है।
    *प्रत्येक खनन पट्टे में धर्मकाँटा की स्थापना कर विभागीय ऑनलाइन पद्धति से एकीकृत किया गया है।
    *खान एवं भूतत्व विभाग में खनिजों के उत्पादन, परिवहन, भण्डारण, अवैध खनन की रोकथाम आदि के बेहतर आई०टी० प्रबंधन एवं ई-चालान निर्गमन की प्रक्रिया पारदर्शी एवं प्रभावकारी तरीके से संपादित करने के लिए राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केन्द्र (NIC) की सेवा इन्टीग्रेटेड माईनिंग मैनेजमेंट इन्फॉरमेशन सिस्टम (IMMIS) के विकास, अधिष्ठापन एवं कार्यान्वयन हेतु 5 वर्षों के लिए लिया गया है। इस कड़ी में विभाग द्वारा GPS based VLTS (Vehicle Location Tracking System), Integrated Weigh Bridge एवं Geo-Fencing का क्रियान्वयन किया जा रहा है ताकि अवैध खनन पर प्रभावकारी तरीके से अंकुश लग सके। विभाग अवैध खनन के पूर्णरूपेण रोकथाम हेतु दृढ़ संकल्पित है।
    *खान एवं भूतत्व विभाग के स्तर पर खनन कार्यों एवं खनिज लदे वाहनों के परिवहन का Real Time Monitoring किये जाने के उद्देश्य से एकीकृत कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेन्टर की स्थापना की गई है। सभी संचालित बालूघाटों पर इंटरनेट युक्त कैमरे लगाये गये हैं, जिसके वीडियो फुटेज का मुख्यालय के कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेन्टर से अवलोकन कर कार्रवाई की जाती है।
    *खनिज लदे वाहनों की पहचान के लिए वाहन के चारों तरफ से लाल रंग की 20 ईंच की चौड़ी पट्टी पेंट करना एवं इस पर खनन वाहन निबंधन संख्या तथा वाहन पंजीकरण संख्या अंकित करना अनिवार्य किया गया है।
  10. आगामी वर्षों के लिए कार्य योजनाः-
    *कार्य विभागों की परियोजनाओं में वैध स्त्रोत से प्राप्त लघु खनिजों का ही उपयोग करना अनिवार्य है। इसके लिए संवेदकों को कार्य विभागों के समक्ष वैध परिवहन चालान / परमिट समर्पित करना है. जिसकी जाँच कार्य विभाग द्वारा किया जायेगा। चालान समर्पित नहीं करने अथवा चालान अवैध पाये जाने की स्थिति में संवेदक के विपत्र से स्वामिस्व का 25 गुणा राशि वसूल करने का प्रावधान किया गया है। इस प्रावधान का अक्षरशः पालन हो, इसके लिए विभाग द्वारा नियमित रूप से विशेष अभियान चलाया गया है एवं इसे भविष्य में नियमित रूप से संचालित किया जायेगा, जिससे विभाग को राजस्व में वृद्धि होगी।
    *राज्य में उपलब्ध खनिज संसाधनों के अन्वेषण में तीव्रता लाने, वृहद् खनिज के नये ब्लॉक के सृजन एवं उससे शीघ्र खनन प्रारंभ करने तथा अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण के विरूद्ध कार्रवाई में पदाधिकारियों एवं कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खान एवं भूतत्व निदेशालय को 02 निदेशालयों यथा खान निदेशालय एवं अन्वेषण निदेशालय में पुनर्गठन किया गया है।
    *खान एवं भूतत्व विभाग खनिजों के पर्यावरणीय अनुकूल एवं अवैध खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर नियंत्रण के लिए प्रतिबद्ध है। राज्यान्तर्गत अवसंरचनाओं के तीव्र विकास के कारण पड़ोसी एवं अन्य राज्यों से भारी मात्रा में बालू, पत्थर आदि लघु खनिज लाया जाता है, जिसपर प्रभावी नियंत्रण एवं अनुश्रवण के लिए अन्य राज्यों से लघु खनिज लाने वाले सभी वाहनों को ट्रांजिट पास (टी०पी०) लिया जाना अनिवार्य किया गया है, जिससे अवैध परिवहन पर अंकुश लगने के साथ-साथ राज्य के राजस्व में वृद्धि होगी।
    *खनन पट्टों के संचालन के पूर्व विभिन्न अनापत्ति यथा पर्यावरणीय स्वीकृति एवं CTE/CTO निर्गत करने के संबंध में निर्धारित अधिकतम समयावधि को राजस्वहित में युक्तिसंगत कम करने हेतु पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार से अनुरोध किया गया है, ताकि आमजनो को बालू की निर्बाध आपूर्ति को सुनिश्चित करते हुए यथाशीघ्र राजस्व की प्राप्ति हो।
    *खनन पट्टों के संचालन में तीव्रता लाने हेतु नीलामी के पूर्व बिहार स्टेट माईनिंग कॉरपोरेशन लि० के माध्यम से वैधानिक अनापत्ति यथा खनन योजना, पर्यावरणीय स्वीकृति आदि प्राप्त करने हेतु ऐजेंसी नामित करने की कार्रवाई की जा रही है। इससे नीलामी के तुरंत बाद खनन पट्टों का संचालन प्रारंभ हो सकेगा तथा राज्य के राजस्व में उत्तरोत्तर वृद्धि होगी।
    *खान एवं भूतत्व विभाग में खनिजों के उत्पादन, परिवहन, भण्डारण, अवैध खनन की रोकथाम आदि के बेहतर आई०टी० प्रबंधन एवं ई-चालान निर्गमन की प्रक्रिया पारदर्शी एवं प्रभावकारी तरीके से संपादित करने एवं विभाग के कार्यों में पारदर्शिता लाने एवं बेहतर ससमय सेवा देने हेतु अन्य आवश्यक कदम उठाये जा रहे हैं।

Related Posts

Re-NEET में सफलता हेतु GOAL Institute ने आयोजित किया विशेष मार्गदर्शी सेमिनार

संतोष राज पाण्डेय पटना आगामी Re-NEET परीक्षा को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को मानसिक एवं अकादमिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से GOAL Institute द्वारा एक विशेष प्रेरणादायी…

बदलाव की शुरुआत स्वयं से ही : मुख्यमंत्री Samrat Choudhary “पैदल निकले… सत्ता नहीं, संदेश चला”

संतोष राज पाण्डेय,पटना सम्राट चौधरी ने ‘नो व्हीकल डे’ पर पेश की सादगी और ऊर्जा बचत की मिसाल बिहार की राजनीति में शुक्रवार की सुबह एक अलग तस्वीर देखने को…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *